Kerala Woman Drives Caravan To Ladakh: आज की महिलाएं समाज की हर दीवार को तोड़कर खुद की पहचान बना रही हैं। रूढ़ीवादी समाज जिन कामों के लिए महिलाओं को असक्षम मानता है, महिलाएं उसे बिना किसी डर के कर रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायी कहानी केरल की महिला की है। इस महिला ने लद्दाख से केरल की यात्रा तय की है। खास बात ये है कि उसने अपने परिवार के सात सदस्यों के साथ कारवां निकाला, जिसमें तीन बच्चे भी हैं। इस दौरान भारत के 18 राज्यों की यात्रा पूरी की और यह साबित किया कि हौसले की कोई उम्र, सीमा या लिंग नहीं होती।
इस महिला का नाम जेलेजा है। जेलेजा का सफर केवल यात्रा तक सीमित नहीं, बल्कि नारी शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक है। आइए जानते हैं केरल की उस महिला के बारे में जिन्होंने 18 राज्यों का सफर तक करके लद्दाख यात्रा की और परिवार के साथ कारवां निकाला।
ट्रक ड्राइवर से बनी ट्रैवलर
केरल की रहने वाली जेलेजा एक साधारण मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन उनके सपने असाधारण थे। जेलेजा एक ट्रक ड्राइवर हैं लेकिन उन्होंने अपने इस परिचय को शौक बनाया और यात्रा पर निकलने का फैसला किया। गाड़ी के पहिए के साथ ही जीवन के पहिए को स्पीड देते हुए सफर की योजना बनाई। लेकिन उन्होंने अपना सफर अकेले नहीं, बल्कि पूरे परिवार के साथ करने की योजना बनाते हुए कारवां को चुना।
लद्दाख से लेकर केरल तक 18 राज्यों की सफर किया तय
जेलेजा ने कारवां के जरिए एक अद्बभुत सफर की शुरुआत की। उनके इस सफर में पति और छोटे बच्चे और 76 साल की मां साथ रहीं। ये कारवां परिवार के सात सदस्यों के साथ निकला जिसने भारत की विविधता को नजदीक से जिया। लद्दाख से शुरू हुआ यह कारवां सफर केरल तक पहुंचा, जिसमें उन्होंने कुल 18 राज्यों को पार किया।
तीन पीढ़ियों की साथ यात्रा
इस यात्रा की खासियत थी कि जेलेजा ने खुद ट्रक ड्राइव करके और तीन पीढ़ियों को साथ लेकर यह सफर तय किया। एक तरफ उनका छोटा बच्चा था, दूसरी तरफ 76 साल की मां। जेलेजा और उनके परिवार ने अपनी यात्रा की झलक एक व्लोग के जरिए सभी से साझा की। इस व्लोग में उन्होंने सिर्फ सफर के दौरान का खूबसूरत नजारा नहीं, बल्कि पारिवारिक एकता, जीवन के प्रति सकारात्मकता और आत्मनिर्भता की दिखाई।