मसरत ने इस पुरस्कार को स्वीकार करते हुए कहा कि ये दिखाता है कि मेरे जैसे छोटे जगहों से आने वाले लोगों के काम पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उनकी तस्वीरों को देखने से पता चलता है कि वो काफी गहराई से अपने काम को करती हैं और इस समय कश्मीर के हालातों के हिसाब से इस काम के लिए काफी हिम्मत की जरूरत है।
मसरत कहती हैं कि मैं कश्मीर की कहानी को बेहतर तरीके से कहने की कोशिश करती हूं क्योंकि ये हमारी कहानी, ये मेरी कहानी है। मसरत एक फ्रीलांस फोटोजर्नलिस्ट हैं और साथ ही डॉक्यूमेट्री भी बनाती हैं।