नौकरीपेशा महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलती है। इसमें गर्भवती को 6 महीने की छुट्टी मिल जाती हैं और उनके वेतन की कटौती भी नहीं होती। हालांकि काम के प्रति इमानदारी और महिलाओं की लगन उन्हें अपने कर्तव्य से दूर होने नहीं देती। ऐसी ही एक महिला आईपीएस की कहानी अन्य लोगों के लिए प्रेरणा है। नागरिकों और राज्य की रक्षा के लिए कई आईपीएस अफसर तैनात रहते हैं। इन आईपीएस अधिकारियों में महिलाएं भी शामिल हैं। ऐसी ही एक महिला अधिकारी हैं, जिनका नाम नितिका गहलोत। आईपीएस नितिका गहलोत ने पिछले दिनों कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसकी वाहवाही पूरे पुलिस महकमे में हो रही है। आइए जानते हैं नितिका गहलोत के बारे में।
कौन हैं आईपीएस नितिका गहलोत ?
नितिका गहलोत हरियाणा के हांसी जिले की पुलिस कप्तान हैं। वह पिछले ढाई साल से हांसी पुलिस की कमान संभाल रही हैं। इलाके में अपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए नितिका ने कई कठोर कदम उठाए। यह आईपीएस नितिका की उपलब्धि हैं कि साइबर क्राइम को रोकने में उनका जिला राज्य के दूसरे नंबर पर रहा। इसके अलावा उनका जिला नशाखोरी रोकने के मामले में भी राज्य के तीसरे स्थान पर है।
आईपीएस नितिका गहलोत ने कोविड काल के दौरान अपनी सूझबूझ से जिले की कमान संभाली। हाई प्रोफाइल मर्डर केस, अफीम का हाई प्रोफाइल केस सुलझाकर पुलिस महकमे का मान बढ़ाया।
आईपीएस नितिका गहलोत चर्चा में
पिछले दिनों आईपीएस नितिका गहलोत ने ऐसा काम किया जो मिसाल बन गया। नितिका गहलोत ने हाल ही में एक बेटी को जन्म दिया है। उन्हें 6 माह की मैटरनिटी लीव मिल सकती थी, लेकिन काम के प्रति उन की गंभीरता ने नितिका को अपनी वर्दी से अधिक दिन दूर न रहने दिया। उन्होंने महज 10 दिन की मैटरनिटी लीव ली और बच्चे के जन्म के बाद 11वें दिन कार्यालय आ गईं। अपने साथ आईपीएस नितिका गहलोत नवजात बच्ची को लेकर दफ्तर आती हैं और बच्चा गोद में लिए जनता की परेशानियां सुनती हैं।