रशियन महिला इंद्रा देवी
सबसे पहली महिला, जिसने योग का प्रसार विदेशी सेलिब्रिटीज तक किया वह एक रशियन महिला थीं। इंद्रा देवी नाम की यह रशियन महिला 12 मई 1899 को लातविया की राजधानी रीगा में जन्मी थीं, जिनका असल नाम यूनिजी पीटरसन था। मां कुलीन घराने की रूसी और पिता स्वीडिश बैंकर थे। 15 साल की उम्र में योग से प्रेरित होकर इंद्रा आ गईं और यहीं उन्हें प्राचीन भारतीय योग पद्धति के बारे में पता चला।
जब रुस से गृहयुद्ध के हालात बने तो इंद्रा अपनी मां के साथ 1917 में लातविया चली गईं, यहां से पौलेंड पहुंचीं, जहां वह एक अभिनेत्री और डांसर के रूप में मशहूर हुईं। भारत प्रेम उनसे इस कदर था कि सगाई के बाद वह एक बार फिर भारत दौरे पर आईं, बाद में सगाई तोड़कर वह अपने सारे जेवर गहने बेचकर फिर भारत वापस आ गईं और अपना नाम बदल कर इंद्रा देवी रख लिया।
इंद्रा देवी मैसूर पैलेस की योगशाला में योग सीखने वाली पहली विदेशी महिला थीं। बाद में वह पति संग शंघाई चली गईं और यहां चीन के राष्ट्रवादी नेता च्यांग काई शेक की पत्नी के घर में योग की शिक्षा देने लगीं। उन्होंने चीन का पहला योग स्कूल भी शुरू किया। कैलिफोर्निया में भी इंद्रा देवी ने अपना योगा स्टूडियो खोला था। हाॅलीवुड के कई सेलिब्रिटीज को उन्होंने योग सिखाया।
इसके अलावा भारत की मीनाक्षी देवी भवानी पुडुचेरी में विश्व प्रसिद्ध योग शिक्षा और अनुसंधान केंद्र की निदेशक और आचार्य हैं। वह योगगुरु के साथ भरतनाट्यम की जानकारी रखती हैं।
हंसाजी जयदेव योगेंद्र
1947 में जन्मी हंसाजी योग गुरु होने के साथ ही लेखक और शोधकर्ता भी हैं। नई दिल्ली में आयोजित हुए पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भी उन्हें आमंत्रित किया जा चुका है।
गीता एस. अयंगर
गीता एक योग शिक्षक थीं, जिन्होंने महिलाओं के लिए योग को आगे बढ़ाने का काम किया। वह मशहूर योगाचार्य बीकेएस अयंगर की सबसे बड़ी बेटी थीं।
निवेदिता जोशी
मुरली मनोहर जोशी की बेटी निवेदिता जोशी योग गुरु हैं। लंबे समय से बीमारी के कारण बिस्तर पर रहने के बाद योग गुरु बीकेएस अयगर ने उनका योग के माध्यम से इलाज किया। योग से निवेदिता जोशी स्वस्थ हो गईं और उन्होंने अपना जीवन योग के प्रचार प्रसार में समर्पित कर दिया।