सरला ठकराल की भारत वापसी
इस दौरान एक विमान हादसे में सरला ठकराल के पति की मौत हो गई। सरला उस समय महज 24 साल की थीं। इस घटना के बाद उन्होंने पायलट बनने के सपने को छोड़ दिया और भारत वापस आ गईं। यहां उन्होंने मेयो स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला लिया और पेंटिंग सीखने के साथ ही फाइन आर्ट में डिप्लोमा हासिल किया।
उद्यमी के रूप में सरला ठकराल
1947 में जब भारत पाकिस्तान का विभाजन हुआ तो सरला अपनी दोनों बेटियों के साथ दिल्ली आकर रहने लगीं। एक साल बाद उन्होंने पीपी ठकराल नाम के व्यक्ति से शादी कर ली। सरला ने अपने जीवन की नई शुरुआत करते हुए कपड़े और गहने डिजाइन करने की दिशा में कदम रखा और लगभग 20 साल तक कुटीर उद्योगों से जुड़ी रहीं। देश की होनहार महिला पायलट ने एक व्यवसायी के रोल को भी बखूबी निभाया। 15 मार्च 2008 में उनका निधन हो गया। लेकिन उनकी उपलब्धि, साहस और संघर्ष की कहानी हर महिला के लिए प्रेरणा बन गई।