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महिला दिवस पर अमर उजाला और ICICI Prudential Mutual Fund का वेबिनार: महिलाओं को बनना होगा आर्थिक आत्मनिर्भर- मृण अग्रवाल

Tue, 08 Mar 2022 08:51 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मृण अग्रवाल ने आत्मनिर्भर स्त्री की व्याख्या करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर स्त्री वह होती है जो अपने हिसाब से अपनी जिंदगी जी सकती है। कहां रहना है, क्या करियर चुनना है, इन सब के बारे में वह अपने हिसाब से तय कर सकती है।
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महिला दिवस पर स्मार्ट इन्वेस्टर सीरीज - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दुनियाभर में आज महिला दिवस मनाया जा रहा है। महिलाओं की स्थिति में भले ही सुधार हुआ है लेकिन महिलाएं आज भी आत्मनिर्भर नहीं हो सकी हैं। आर्थिक स्तर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर होने की जरूरत है। देश की अधिकतर महिलाएं आज भी रुपये पैसों के मामले में पति या घर के पुरुषों पर निर्भर रहती हैं।

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महिलाओं को स्मार्ट इंवेस्टर प्रोग्राम के बारे में शिक्षित करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अमर उजाला और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड की ओर से महिला दिवस के मौके पर 'आत्मनिर्भर स्त्री: आजादी का सच्चा अमृत महोत्सव' वेबिनार का आयोजन किया गया। इस ऑनलाइन आयोजन को डाॅ मुनीश सभरवाल, निवेश बैंकर, निजी इक्विटी, एम एंड ए सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, आईएसबी और इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर के एल्युमिनी ने होस्ट किया। वहीं फिनसेफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक मृण अग्रवाल बतौर विशेषज्ञ शामिल हुईं। मृण अग्रवाल ने महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने वाले निवेश प्लान और पूंजी बढ़ाने के तरीकों के बारे में जानकारी दी। 

मुनीश सभरवाल ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि महिलाओं को एक स्तर तक ले जाने के लिए हम सब को योगदान देने की जरूरत है। वहीं मृण अग्रवाल को फाइनेंस शिक्षा में करीब 25 साल का अनुभव है। डेढ लाख लोगों को उन्होंने शिक्षा प्रदान की है ताकि वह आत्मनिर्भर हो सकें। ग्लोबल जेंडर गैप पर हुई स्टडी के मुताबिक, भारत की रैंक 155 है। भारत की स्त्रियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए देश को काफी प्रयास की जरूरत है। इसके बाद मुनीश सभरवाल ने मृण अग्रवाल से कुछ सवाल किए, जिसके जवाब महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने का मार्ग बताते हैं।
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आत्मनिर्भर स्त्री कौन होती है?

मृण अग्रवाल ने आत्मनिर्भर स्त्री की व्याख्या करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर स्त्री वह होती है जो अपने हिसाब से अपनी जिंदगी जी सकती है। कहां रहना है, क्या करियर चुनना है, इन सब के बारे में वह अपने हिसाब से तय कर सकती है। पिछले कई सालों से देख रहे हैं कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। पहले महिलाओं के पास करियर को लेकर कुछ ही विकल्प हुआ करते थे पर आज उनके पास कई विकल्प भी हैं और वह अपने क्षेत्र में तरक्की भी कर रही हैं।

शहरों में तो आत्मनिर्भरता बढ़ी हैं लेकिन गांवों में आत्मनिर्भर महिला की व्याख्या क्या है?

गांवों की महिलाओं की आत्मनिर्भरता शहरों की तुलना में कम ही रहेगी। लेकिन आज कल लड़कियां ज्यादा पढ़ रही हैं। इसका अर्थ है कि वह अपना और अपने परिवार को संभालने के लायक बन रही हैं, उनकी मदद कर सकती हैं। पर अभी भी काफी तरक्की होनी बाकि है। छोटे शहरों और गांवों में और अधिक काम की जरूरत है।

आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता स्त्रियों के लिए क्यों जरूरी है?

आजकल महिलाएं करियर के हिसाब से आत्मनिर्भर है लेकिन आर्थिक रूप से स्त्री आज भी आत्मनिर्भर नहीं है। ज्यादातर औरतों को लगता है कि पैसे संभालने का काम आदमी अच्छा करते हैं। इस मामले में वह दूसरों पर निर्भर हैं। आर्थिक तौर पर उन्हें आत्मनिर्भर होने की जरूरत है। आर्थिक आत्मनिर्भर महिला खुद के साथ परिवार को भी संभाल सकती है।

महिला दिवस पर स्मार्ट इन्वेस्टर सीरीज - फोटो : amar ujala
आत्मनिर्भर बनने के लिए महिलाओं को किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?

तीन बातों को ध्यान में रखें। पहली बात आत्मविश्वास बढ़ाएं, अपनी सोच में सकारात्मक बदलाव लाएं कि आप हर काम कर सकती हैं। खुद का कॉन्फिडेंस बढ़ाना होगा। 

दूसरी बात, जानकारी एकत्र करें। कोई भी काम करने से पहले हमें उसकी जानकारी होनी चाहिए। कोई भी काम कहासुनी पर नहीं करनी चाहिए। आप अखबार पढ़ सकती हैं। उसपर फाइनेंस के बारे में जानकारी मिलती है। आप इंटरनेट के जरिए जानकारी इकट्ठा कर सकती हैं। 

रिस्क लेने से डरें नहीं- तीसरी बात कि आपको रिस्क लेने के लिए तैयार रहना होगा। किसी काम को करने से पहले, निवेश से पहले डरे नहीं। बल्कि ध्यान में रखें कि हर काम में रिस्क होता है। 

आत्मनिर्भर बनने के लिए महिलाओं को कहां से शुरुआत करनी चाहिए? उनके शुरुआती स्टेप क्या हों?

बजटिंग- सबसे पहले महिला को पूंजी जमा करनी चाहिए। बड़े शहरों में लाइफस्टाइल के जो खर्चे हैं वह बढ़ गए हैं। इसकी वजह से अब पूंजी जमा नहीं हो पाती लेकिन ये पता होना चाहिए कि आपकी कितनी आय है और कितना खर्च हो रहा है। तय कर लें कि आय से ज्यादा खर्च न करके आपको अपनी आय की 30 फीसदी पूंजी की बचत करनी है।

फाइनेंशियल सिक्योरिटी- अनहोनी के लिए तैयार रहें। जैसे कोविड के समय लोगों को एकदम से पैसों की जरूरत पड़ गई, लोगों को परेशानियां उठानी पड़ी। आपके पास इमरजेंसी फंड हो। लगभग तीन से 6 महीने का खर्च पहले से बचाकर रखें।

निवेश- आपको निवेश करना शुरू कर देना चाहिए। इसके लिए महिलाओं को इंश्योरेंस लेना चाहिए। महिलाएं सोचती हैं कि पति के पास इंश्योरेंस है, जोकि काफी है लेकिन काम न करने वाली यानी घर संभालने वाली महिलाओं के लिए भी इंश्योरेंस की जरूरत होती है। अधिकतर महिलाएं हेल्थ इंश्योरेंस नहीं लेतीं हैं। क्या जो बीमारी पुरुष या पति को हो सकती हैं, तो महिलाओं को नहीं हो सकती? अगर आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं होता तो बीमारी के समय सारे पैसे खर्च हो जाते हैं और दिक्कत आ जाती हैं। इसलिए सही तरीके से अच्छी कंपनी में निवेश होता है तो पैसे की बचत और बढ़त दोनों होती रहती हैं।

महिला दिवस पर स्मार्ट इन्वेस्टर सीरीज - फोटो : Istock
महिलाएं पैसे को कहां निवेश करें और कैसे बचत कर सकती हैं?

फिक्स्ड डिपॉजिट- महिलाएं शुरुआत फिक्स्ड डिपॉजिट से कर सकती हैं। ध्यान रखें कि एफडी के लिए बड़े बैंकों में ही पैसे डालें। 

म्यूचुअल फंड- अगर आपको अपने पैसों की बचत के साथ ही उसमें बढ़ोतरी भी करनी है तो थोड़ा रिस्क लेना होगा। इसके लिए शेयर मार्केट में निवेश करें। लेकिन शेयर मार्केट में सीधे निवेश न करें। शेयर मार्केट में कहां निवेश करें? कितना करें? कैसे लाभ होगा, ये समझना आम आदमी के लिए थोड़ा मुश्किल होता है। इसलिए अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं तो म्यूचुअल फंड में निवेश करें। यहां आपको एक जानकार मिलेगा, जो आपको रिसर्च करके बताएगा कि आपको अपना पैसा कहां निवेश करना चाहिए, कैसे निवेश करना चाहिए ताकि लाभ मिल सके।

ऑनलाइन भी आप आसानी से निवेश कर सकते हैं। आप भले ही एफडी में पैसे निवेश करें लेकिन अगर आपको अपने पैसे बढ़ाने हैं तो म्यूचुअल फंड में जरूर डालें।

म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करना चाहिए? पहली बार महिला पैसे निवेश करने जा रही हो तो कहां से शुरुआत करें?

पहली बार म्यूचुअल फंड में निवेश करने जा रही हैं तो सबसे आसान फंड का चयन कर सकती हैं।

इंडेक्स फंड- अगर आपको म्यूचुअल फंड के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं है तो आसान से इंडेक्स फंड में पैसे डाल सकते हैं। हिंदुस्तान की सबसे बड़ी कंपनियों को मिला कर इंडेक्स फंड होता है।

महिलाएं घर में गुल्लक या अन्य तरीकों से थोड़ा थोड़ा पैसा जमा करती हैं लेकिन म्यूचुअल फंड में निवेश का क्या तरीका है?

म्यूचुअल फंड में निवेश का आसान तरीका है एसआईपी। इसमें आपको एक बार में पैसा नहीं डालना होता। बल्कि सिस्टमैटिक तरीके से थोड़ा-थोड़ा पैसा आप हर महीने निवेश कर सकती हैं। इसके लिए कुछ करने की जरूरत नहीं, हर महीने आपके खाते से तय पैसा निकल जाएगा। इसमें कम रिस्क भी रहेगा।
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महिला दिवस पर स्मार्ट इन्वेस्टर सीरीज - फोटो : amar ujala
कई बार महिलाओं को शादी या परिवार बढ़ने पर ब्रेक लेना पड़ता है। ऐसी स्थिति में महिलाएं किस तरह की प्लानिंग करें कि उनकी पूंजी आना बंद न हो?

अगर महिलाओं को ब्रेक लेना हो तो इसके लिए पहले से थोड़ी प्लानिंग करनी पड़ेगी। आपको समझना पड़ेगा कि कितने साल के लिए आप ब्रेक ले रही हैं और कितने पैसे की उस दौरान आपको जरूरत पड़ सकती है। वैसे महिलाओं को हमेशा आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होना चाहिए। काम नहीं कर रही हैं तो ऐसे काम करिए जो दो चार घंटों के लिए हो ताकि कुछ पैसे आपके पास आ सकें।

मृण अग्रवाल के तजुर्बे के पांच मूल मंत्र, जो स्त्रियों को परिवार के स्तम्भ के तौर पर खड़े रहने और परिवार में योगदान देने लायक बना सकें।

पहला -अपने पर विश्वास रखें कि आप कर सकते हैं और ये आपके लिए जरूरी है।

दूसरा- जितना जल्दी निवेश कर सकती हैं, करें। अगर आप 25 साल की हैं तो कम से कम 30 फीसदी तक निवेश जरूर करें।

तीसरा- साल में एक बार निवेश कर देने से काम नहीं चलेगा। हर महीने निवेश करें। अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करते हैं तो उतार चढ़ाव आता रहेगा। इसलिए बने रहें। निवेश को अधूरा मत छोड़ें।

चौथा- लो कॉस्ट और सिंपल इंवेस्टमेंट में ही निवेश करें। ट्रेंडिंग इंवेस्टमेंट जैसे क्रिप्टोकरेंसी आदि में निवेश न करें। 

पांचवा- पीयर प्रेशर पर न जाएं। मेरी सहेली ने गाड़ी खरीदी, मकान ले लिया तो हम भी लेंगे, ऐसा सोचने के बजाए अपने पैसों का सही से निवेश करें। 

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