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Astha Poonia : नौसेना के लड़ाकू विमान अब उड़ाएंगी महिलाएं, जानें आस्था पूनिया की कहानी

Mon, 07 Jul 2025 03:29 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Indian Navy first woman fighter Pilot Astha Poonia: आस्था पूनिया उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की रहने वाली हैं। नेवी में सब लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत आस्था पूनिया आधिकारिक रूप से भारतीय नौसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। इससे महिला अधिकारियों के लिए लड़ाकू भूमिकाओं के द्वार खुल गए हैं।
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सब लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया बनीं नौसेना में पहली महिला फाइटर पायलट - फोटो : ANI
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विस्तार
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Indian Navy first woman fighter Pilot Astha Poonia: भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में भारतीय नौसेना को उसकी पहली फाइटर पायलट मिल चुकी है। भारतीय नौसेना की वर्दी में जब पहली बार एक महिला ने फाइटर जेट उड़ाने की जिम्मेदारी संभाली, तो न केवल इतिहास रचा गया, बल्कि "नारी शक्ति" का एक नया रूप भी सामने आया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने का श्रेय जाता है आस्था पूनिया को। आस्था पूनिया उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की रहने वाली हैं। नेवी में सब लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत आस्था पूनिया आधिकारिक रूप से भारतीय नौसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। इससे महिला अधिकारियों के लिए लड़ाकू भूमिकाओं के द्वार खुल गए हैं।

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कौन हैं आस्था पूनिया?

आस्था पूनिया उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली हैं। उन्होंने शुरू से ही फौज में जाने का सपना था, जिसे उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से सच कर दिखाया। इसके लिए पूनिया ने INS Dega से Hawk Advanced Jet की ट्रेनिंग पूरी की। वहीं अब MiG-29K जैसे सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों को उड़ाने की एडवांस ट्रेनिंग लेंगी।

'विंग्स ऑफ गोल्ड' से आस्था पूनिया हुईं सम्मानित


3 जुलाई 2025 को विशाखापत्तनम के INS Dega पर आयोजित समारोह में रियर एडमिरल जनक बेवली, सहायक नौसेना स्टाफ (एयर) की तरफ से आस्था पूनिया को 'विंग्स ऑफ गोल्ड' सम्मान' (Wings of Gold) सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान नौसेना की फाइटर पायलट बनने की पात्रता का प्रतीक है। इस मौके पर लेफ्टिनेंट अतुल कुमार ढुल को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ। यह समारोह 'सेकेंड बेसिक हॉक कन्वर्जन कोर्स' की सफल समाप्ति पर आयोजित हुआ था।
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क्यों है यह उपलब्धि खास?

अब तक नौसेना में महिलाएं हेलीकॉप्टर और समुद्री गश्ती विमान तक सीमित थीं। पहली बार किसी महिला को कॉम्बैट फाइटर जेट उड़ाने की जिम्मेदारी मिली है। INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत जैसे एयरक्राफ्ट करियर से उड़ान भरेंगी। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है जो नौसेना की नीति में जेंडर इक्वालिटी को दर्शाता है।


आस्था पूनिया बन गईं देश की नई प्रेरणा

उनकी ये उपलब्धि सिर्फ सेना नहीं, पूरे देश की बेटियों के लिए एक मिसाल है। यह दर्शाता है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो कोई भी क्षेत्र महिलाओं के लिए बंद नहीं। भारतीय नौसेना में अब महिला शक्ति को भी कॉम्बैट रोल्स में देखा जाएगा।

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