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Women Boxers: हरियाणा की बेटियों ने बॉक्सिंग रिंग में मचाया तहलका, वर्ल्ड कप में तीन गोल्ड जीतकर रचा इतिहास

Fri, 18 Jul 2025 04:44 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

world Boxing Cup:आइए जातने हैं इसी मिना क्यूबा भिवानी से निकलीं तीन दमदार महिला मुक्केबाज साक्षी, जैस्मिन और नुपुर की कहानी, जिन्होंने सिर्फ एक खेल में जीत हासिल नहीं की, बल्कि महिला सशक्तिकरण का परचम भी लहराया। 
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मुक्केबाजी में भिवानी की बेटियों का कमाल - फोटो : Adobe
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विस्तार
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जब भी महिला सशक्तिकरण की बात होती है, तो हरियाणा के भिवानी की तीन बहादुर बेटियों साक्षी, जैस्मिन और नुपुर का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए। इन तीनों ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में गोल्ड जीतकर यह साबित कर दिया कि छोटे शहर की लड़कियां भी अगर ठान लें तो बड़ी-बड़ी बाधाओं को हरा सकती हैं। भिवानी बॉक्सिंग क्लब बहुत बड़ा नहीं है। यहां बस दो रिंग और पुराने कमरे हैं। लेकिन खिलाड़ी यहीं पर बनते हैं इसलिए इसे मिनी क्यूबा कहा जाता है।

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यहां द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता जगदीश सिंह के साथ बच्चे रोज कड़ी मेहनत करते हैं। ना छुट्टी ना आराम, उनका सपना सिर्फ गोल्ड जीतने का है। भिवानी साल 2008 में तब मशहूर हुआ, जब भारत के 5 में से 4 ओलंपिक बॉक्सर यहीं से थे। विजेंदर सिंह ने यहीं से ओलंपिक ब्रॉन्ज जीता था। अब लड़कों से ज्यादा लड़कियां यहां बाॅक्सिंग सीखती हैं जो राजस्थान, यूपी और गुजरात से यहां सिर्फ एक मौका पाने के लिए आती हैं। इसकी शुरुआत हवा सिंह ने की थी, जिन्होंने दो बार एशियन गेम्स में गोल्ड जीता। उनकी नातिन नुपूर आज वर्ल्ड चैंपियन हैं। 

आइए जातने हैं इसी मिना क्यूबा भिवानी से निकलीं तीन दमदार महिला मुक्केबाज साक्षी, जैस्मिन और नुपुर की कहानी, जिन्होंने सिर्फ एक खेल में जीत हासिल नहीं की, बल्कि महिला सशक्तिकरण का परचम भी लहराया। 
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भिवानी से निकलीं तीन चैंपियन

भिवानी बॉक्सिंग क्लब में सिर्फ दो रिंग और कुछ पुराने कमरे हैं, लेकिन यहीं से भारत को बॉक्सिंग के बेशकीमती रत्न मिलते हैं। इसे ‘मिनी क्यूबा’ कहा जाता है, और इसी मिट्टी से निकलकर साक्षी, जैस्मिन और नुपुर ने वर्ल्ड कप में गोल्ड जीता।

कौन हैं साक्षी चौधरी

हरियाणा के भिवानी में ढनाना में 9 सितंबर 2000 को जन्मी साक्षी ने साल 2015 में AIBA जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था। वहीं साल 2017 में वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप, गुवाहाटी में गोल्ड और 2018 में हंगरी में गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया। वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में यूएसए की योसलीन परेज को 5-0 से हराकर गोल्ड हासिल किया।

जैस्मिन लैम्बोरिया की उपलब्धि

हरियाणा की ही जैस्मिन लैम्बोरिया का जन्म 30 अगस्त 2001 में हुआ था। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि बाॅक्सिंग की है। जैस्मिन हवाई सिंह की परपोती हैं जो कि बॉक्सिंग और कुश्ती परिवार से आते हैं। जैस्मिन ने साल 2021 में एशियन चैंपियनशिप, दुबई में ब्रोंज जीता। साल 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में 57 किग्रा में ब्राज़ील की एक ओलिंपियन को हराकर गोल्ड जीता।

नुपुर सिंग शेओरान

नुपुर सिंग शेओरन के पिता संजय कुमार और माता मुकुंद रानी पहले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। नुपुर ने 2022 में भारत सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड जीता और 2024 BRICS गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया। उसके बाद साल 2025 में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में +80 किग्रा में कज़ाख खिलाड़ी को 5-0 से मात देकर गोल्ड जीता।

साक्षी, जैस्मिन और नुपुर का दमदार प्रदर्शन

साक्षी (54 किलो) ने अमेरिका की मजबूत बॉक्सर को हराया। वहीं जैस्मिन (57 किलो) ने ब्राजील की ओलंपियन को पछाड़ा और नुपुर (80+ किलो) ने कजाकिस्तान की खिलाड़ी को हराकर सबको चौंका दिया। हरियाणा की इन तीन बेटियों ने भारत का नाम रोशन किया। इन तीनों लड़कियों की जीत सिर्फ एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में भी बड़ा सपना देखती हैं।


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