भारत की बेटी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे किसी से कम नहीं। अरुणाचल प्रदेश की हिलांग याजिक ने ग्लोबल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप 2025 में दो मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। यह प्रतियोगिता भूटान की राजधानी थिम्पू में आयोजित की गई थी और हिलांग ने वुमेन मॉडल फिजिक कैटेगरी में देश का परचम लहराया। हिलांग याजिक की कहानी महिला सशक्तिकरण की मिसाल है। हिलांग एक मजबूत शरीर के साथ एक मजबूत सोच की प्रेरणा देती हैं। आइए जानते हैं अरुणाचल प्रदेश की हिलांग याजिक के बारे में।
कौन हैं हिलांग याजिक
हिलांग याजिक अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे जिले की रहने वाली हैं। हिलांग ने भूटान के थिम्पू में आयोजित हुए 15वें साउथ एशियन बॉडी बिल्डिंग एंड फिजिक स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025 में हिस्सा लिया और स्वर्ण पदक जीतकर भारत का मान वैश्विक स्तर पर बढ़ाया है।हिलांग की यह जीत केवल एक खेल उपलब्धि नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। छोटे से जिले से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना और वहां पर भारत का नाम रोशन करना, यह सफर आसान नहीं था। लेकिन हिलांग की मेहनत, समर्पण और लगन ने यह नामुमकिन को मुमकिन बना दिया।
हिलांग याजिक की सफलता की कहानी
अरुणाचल प्रदेश की हिलांग ने इसके पहले गोवा में आयोजित 13वें फेडरेशन कप में महिला स्पोर्ट्स फिजिक कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था। इस प्रदर्शन के बाद हिलांग को देश की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए चुना गया। इंडियन बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन और केरल बॉडीबिल्डिंग एसोसिएशन द्वारा कोच्चि (केरल) में 11-12 मई को आयोजित चयन ट्रायल्स में हिलांग ने शानदार प्रदर्शन किया।
इसके बाद उन्हें दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, जिसमें से एक, 56वीं एशियन बॉडी बिल्डिंग एंड फिजिक स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2024 था, जो, इंडोनेशिया के बटम में अगस्त माह में आयोजित हुआ था। और दूसरा, 15वीं डब्ल्यूपीबीएफ वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग एंड फिजिक स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2024 का आयोजन मालदीव में नवंबर में हुआ था। इन प्रतियोगिताओं में वुमेन्स मॉडल फिजीक और स्विमसूट वुमेन्स फिजीक कैटेगरी में भाग लिया।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल
हिलांग की जीत पर पूरे देश में खुशी की लहर है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उपमुख्यमंत्री चौना मीन और केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि हिलांग ने न सिर्फ राज्य का, बल्कि पूरे भारत का मान बढ़ाया है। लोग हिलांग की उपलब्धि को महिला सशक्तिकरण का नया चेहरा मान रहे हैं। उन्होंने उन तमाम रूढ़ियों को तोड़ा है जो महिलाओं को शारीरिक खेलों से दूर रखती थीं। आज हिलांग उन लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं जो छोटे शहरों, गांवों या सीमावर्ती राज्यों से आती हैं और बड़े सपने देखती हैं। उन्होंने यह दिखाया है कि अगर इच्छाशक्ति और मेहनत हो, तो कोई भी मंच दूर नहीं।