Youngest Sarpanch Anju Tanwar: देश की बेटियां राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी दे रही हैं। पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। परिवार, समाज और देश के सम्मान को बढ़ाने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास जारी है। इन्हीं लड़कियों में हरियाणा की बेटी का नाम भी शामिल है, जिनके नाम एक बहुत खास उपलब्धि जुड़ गई है। हरियाणा की इस बेटी का नाम अंजू तंवर है। अंजू वैसे तो मेडिकल की तैयारी कर रही हैं लेकिन शिक्षा हासिल करने के दौरान उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा है। उनका यह कदम उस समय सफल भी हो गया, जब उन्होंने चुनाव लड़ा और इसे जीतने के बाद एक महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी मिली। आइए जानते हैं मेडिकल की पढ़ाई करते-करते राजनीति में आने वाली अंजू तंवर के बारे में, कैसे बनी सबसे कम उम्र की सरपंच।
अंजू तंवर कौन हैं?
अंजू तंवर हरियाणा की रहने वाली हैं। अंजू महज 21 साल की है और डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही हैं। वह हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के खुडाना गांव से ताल्लुक रखती हैं। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान गांव में पंचायती राज के चुनाव हुए। अंजू इस चुनाव में शामिल हुईं और चुनाव जीतकर सबसे कम उम्र की सरपंच बन गईं।
राजनीति में आई मेडिकल की छात्रा
खास बात ये है कि अंजू किसा राजनीतिक परिवार से नहीं आतीं। उनके परिवार में कोई भी सदस्य राजनीति में नहीं है। अंजू के पिता पेशे से डॉक्टर हैं। वह अपनी बेटी को भी डाॅक्टर ही बनाना चाहते हैं। हालांकि अंजू ने गांव के विकास के लिए चुनाव लड़ने का फैसला लिया। बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि वह इस पद को संभालने के लायक हैं।
सबसे कम उम्र की सरपंच बनीं अंजू तंवर
अंजू की कम उम्र और कम तजुर्बा भी उनके लक्ष्य के बीच रोड़ा न बना। ग्रामीणों ने उन्हें सरपंच पद के लिए चयनित कर लिया। अंजू के परिवार और गांव के लोगों को उम्मीद है कि वह उनके विश्वास पर शत प्रतिशत खरी उतरेंगी।
सबसे कम उम्र की महिला सरपंच अंजू तंवर ग्रामीणों के लिए काफी कुछ करना चाहती हैं। गांव में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। वह गांव में छात्रों के लिए एक लाइब्रेरी खोलना चाहती हैं। वहीं कोचिंग और अन्य विकास योजनाओं को भी शुरू करना चाहती हैं।