भारत में पहली बार महिला क्रिकेट टीम का चयन साल 1976 में हुआ। महिला क्रिकेटर्स की टीम का पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ होना था। टेस्ट सीरीज के लिए जब महिला खिलाड़ियों का चयन किया गया तो उसमें शांता रंगास्वामी भी शामिल थीं। टेस्ट टीम की कमान ऑलराउंडर शांता रंगास्वामी को सौंपी गई। इस तरह पहली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पहली कप्तान शांता रंगास्वामी बन गईं। वेस्टींडीज के लिए खिलाफ हुई इस पहली टेस्ट सीरीज में शांता ने आक्रामक बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी करके 1-0 से शिकस्त दी।
शांता रंगास्वामी का करियर
शांता रंगास्वामी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए 1976 से 1991 तक 16 टेस्ट क्रिकेट मैच खेले। इस दौरान वह टीम की कप्तान रहीं। अपने 22 साल के करियर में शांता ने कई मैचों में उपलब्धि हासिल की, हालांकि उन दिनों महिला खिलाड़ियों को ज्यादा पैसे नहीं मिलते थे। कड़ी मेहनत, परिश्रम के बाद शांता ने करियर में उपलब्धि हासिल की। लगभग 12 टेस्ट मैच और 15 वन डे मैचों में वह महिला टीम की कप्तान रहीं।
शांता रंगास्वामी की उपलब्धियां
अर्जुन पुरस्कार पाने वाली वह पहली महिला थीं। महिला विश्व कप में न्यूजीलैंज के खिलाफ शांता ने शतक बनाया था। बीसीसीआई के महिलाओं के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित होने वाली पहली महिला थीं। कर्नाटक सरकार ने भी साल 2019 में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया था।