फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Beno Zephine: भारत की पहली नेत्रहीन IFS अधिकारी बेनो जेफिन की प्रेरक कहानी

Sat, 21 Feb 2026 04:01 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Beno Zephine: बेनो जेफिन की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का अतुलनीय योगदान रहा। उनकी मां रोज अखबार पढ़कर सुनाती थीं, ताकि उन्हें देश-दुनिया की खबरें मिलती रहें।
विज्ञापन
बेनो जेफिन अजगिरी - फोटो : Instagram
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Beno Zephine: बेनो जेफिन अजगिरी भारत की पहली नेत्रहीन भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उन्होंने यह साबित किया कि अगर हौसला मजबूत हो, तो कोई भी बाधा सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकती। दृष्टि न होने के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और माता-पिता के सहयोग से यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास कर इतिहास रचा।

विज्ञापन

बेनो जेफिन का जीवन और शिक्षा

बेनो जेफिन का जन्म केरल में हुआ। बचपन से ही उन्हें दृष्टि संबंधी समस्या थी और धीरे-धीरे उनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई। लेकिन उन्होंने कभी अपनी कमजोरी को अपनी पहचान नहीं बनने दिया। बचपन से ही उन्होंने ठान लिया था कि वे सिविल सेवा में जाएंगी और देश की सेवा करेंगी। उन्होंने अपनी पढ़ाई ब्रेल लिपि के माध्यम से पूरी की। हर दिन नई चुनौतियां सामने आती थीं, लेकिन उनका आत्मविश्वास और मेहनत उन्हें आगे बढ़ाते रहे।


माता-पिता का सहयोग

बेनो जेफिन की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का अतुलनीय योगदान रहा।

  • उनकी मां रोज अखबार पढ़कर सुनाती थीं, ताकि उन्हें देश-दुनिया की खबरें मिलती रहें।

  • उनके पिता ब्रेल में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराते थे, जिससे उनकी तैयारी मजबूत होती गई।

यही समर्पण और मार्गदर्शन उन्हें यूपीएससी की तैयारी में लगातार प्रेरित करता रहा।

विज्ञापन

UPSC में सफलता और IFS में चयन

कड़ी मेहनत और अटूट विश्वास के बल पर उन्होंने 2014 में यूपीएससी परीक्षा पास की और इतिहास रच दिया। इसके बाद 2015 में आईएफएस में शामिल हुईं और भारत की पहली नेत्रहीन IFS अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं थी, बल्कि यह पूरे देश के लिए प्रेरणा का क्षण था।


वर्तमान पद और योगदान

आज बेनो जेफिन अजगिरी जकार्ता में भारतीय दूतावास में फर्स्ट सेक्रेटरी के रूप में देश की सेवा कर रही हैं। उनकी कार्यशैली, प्रतिबद्धता और आत्मविश्वास यह साबित करते हैं कि सच्ची लगन और मेहनत से हर सपना पूरा किया जा सकता है।


प्रमुख उपलब्धियां

  • भारत की पहली पूर्णतः नेत्रहीन IFS अधिकारी

  • 2014 में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण

  • 2015 बैच की भारतीय विदेश सेवा अधिकारी

  • जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास में फर्स्ट सेक्रेटरी के रूप में सेवा

  • लाखों युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए प्रेरणा स्रोत

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें