डॉक्टर तिवारी ने बताया कि रथयात्रा गुरुबाग स्थित आवास पर बच्चियों और मरीजों को बुलाकर जागरूक करती हूं। मलिन बस्तियों में रहने वाली लड़कियों को महिला स्वास्थ्य के बचाव के तरीके बताती हूं। फिर इन्हीं लड़कियों को आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बीच भेजकर उन्हें जागरूक करने को कहती हूं।
डॉक्टर का कहना है कि एक लड़की जागरूक हुई तो अपने आसपास के लोगों को जागरूक कर देंगी। अमूमन घर में देखा गया है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखती हैं। यही कारण है कि कई बार उन्हें बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। महिलाएं संकोच करती हैं और अपनी बीमारियां नहीं बता पाती हैं।
घर के एक एक सदस्य का ध्यान रखने वाली अपना ध्यान रखना भूल जाती है। अपने स्वास्थ्य के प्रति महिलाएं लापरवाह होती हैं। इन्हीं को देखते हुए लड़कियों और मरीजों को जागरूक करते हैं ताकि समाज में जाकर अन्य महिलाओं को सेहत के प्रति जागरूक करें। छोटी छोटी बचाव के तरीके बताते हैं।
छोटी सी लापरवाही से निकालना पड़ा था एक महिला का यूटरस
डाक्टर ने कहा कि महिला का नाम नहीं बताऊंगी लेकिन उसकी छोटी सी लापरवाही से उसका यूटरस निकालना पड़ गया। इसके बाद से मुझे लगा कि महिलाओं को बचाव के प्रति बताना चाहिए। अकेले हम पूरे समाज को नहीं बता सकते हैं। इस नाते समाज की बच्चियों और हमारे यहां आने वाली महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करती हूं। छोटे छोटे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालती हूं ताकि लोग जागरूक हो सके।