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Falguni Pathak: फाल्गुनी पाठक के गानों के बिना अधूरा है गरबा, जानें डांडिया क्वीन अचानक क्यों हो गईं गुमनाम

Sun, 15 Oct 2023 11:31 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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Falguni Pathak - फोटो : instagram
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Falguni Pathak: नवरात्रि में लोग गरबा और डांडिया नाइट्स को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं। आयोजन के दौरान कई फिल्मी गानों और लोकगीतों पर लोग थिरकते हैं, हालांकि नवरात्रि पर होने वाले गरबा और डांडिया 'फाल्गुनी पाठक' के गानों के बिना अधूरा है। 90 के दशक में आईरोनिक गाने 'मैंने पायल है छनकाई' जैसे गाने आज भी रिमेक के जरिए लोगों की जुबान पर हैं। हालांकि फाल्गुनी की आवाज और गानों को रिप्लेस करना आसान नहीं। 'चूड़ी जो खनके हाथों में', 'मेरी चूनर उड़-उड़ जाए' जैसे गानों से उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी एक खास पहचान बना ली। लेकिन इंडस्ट्री में ऊंचा मुकाम हासिल करने वाली फाल्गुनी पाठक आज गुमनाम हैं। आइए जानते हैं फाल्गुनी नायक के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें।

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फाल्गुनी पाठक का जीवन परिचय

डांडिया क्वीन फाल्गुनी पाठक का जन्म 12 मार्च 1969 में हुआ था। चार बेटियों के बाद माता पिता जब एक बेटे की उम्मीद में थे, तो पांचवीं संतान के रूप में फाल्गुनी का जन्म हुआ। फाल्गुनी बचपन से लड़कों जैसी रहीं। पैंट शर्ट, छोटे बाल में दिखने वाली फाल्गुनी ने कभी शादी नहीं की।

फाल्गुनी का शौक

बचपन से ही उन्हें रेडियो सुनने का शौक था। वह सिंगर बनना चाहती थीं, उन्हें मौका भी मिला। 9 साल की उम्र में बिना पापा को बताए उन्होंने एक परफॉर्मेंस दी। पिता को पता चला तो डांट पड़ी और पिटाई भी हुई। लेकिन उनके टैलेंट को न तो दबाया जा सका और न ही छुपाया।
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फाल्गुनी की ट्रेनिंग

फाल्गुनी पाठक की मां ने उन्हें गुजराती पारंपरिक गानों की ट्रेनिंग दी। भवदीप जयपुरवाले से उन्होंने 5 साल वोकल म्यूजिक की ट्रेनिंग ली। नवरात्रि के मौके पर गाना गाने लगी और 1994 में अपना बैंड 'ता थैया' बना लिया। इस बैंड के जरिए उन्होंने कई देशों में नाम कमाया।

फाल्गुनी का करियर

उन्होंने 1987 में अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि फाल्गुनी का पहला एल्बम 1998 में रिलीज हुआ। पहले ही एल्बम के हिट होने के बाद उन्हें पीछे मुड़कर देखना नहीं पड़ा। फिल्मों में भी उनके गाने रिकॉर्ड किए गए। फाल्गुनी गायिका के साथ ही कॉस्ट्यूम डिजाइनर भी हैं। उन्होंने कुछ फिल्मों में बतौर डिजाइनर काम किया।

क्यों हैं गुमनाम

भले ही फाल्गुनी पाठक गायन के क्षेत्र में बड़ा नाम है, लेकिन बॉलीवुड में ज्यादा नजर नहीं आईं। उन्होंने खुद इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें बॉलीवुड से काफी ऑफर मिले लेकिन वह स्टेज शोज करके खुश हैं। बॉलीवुड में काम करने के लिए डबल मेहनत करनी पड़ती है।

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