झारखंड के रांची में आदिवासी महिला ने अपने कैफे को कोविड से पीड़ित परिवारों के लिए समर्पित कर दिया है। अब ये महिला नाश्ता, लंच और डिनर बनाकर कोरोना से पीड़ित परिवारों तक मुफ्त में पहुंचाती है। दिनभर में तीन बार ये फूड सप्लाई 45 लोगों तक पहुंचाया जाता है।
कैफे चलाने वाली निशा भगत ने बताया कि एक रात एक महिला ने उनके कैफे में फोन कर खिचड़ी की होम डिलीवरी का ऑर्डर दिया। इसके साथ ही वो महिला खिचड़ी के लिए कुछ भी पैसे देने को तैयार थी। ऐसे में निशा को काफी आश्चर्य हुआ। इसके साथ ही उसने बताया कि उसके परिवार में सारे लोग कोरोना से पीड़ित हैं और कोई भी इतना फिट नहीं जो खाना पका सके। ऐसे में वो ये ऑर्डर ले लें। तब निशा के दिमाग में ऐसे परिवारों को मुफ्त में खाना पहुंचाने का ख्याल आया।
इसके बाद निशा ने सोशल मीडिया पर मैसेज किया कि उनके यहां कोविड के मरीजों के लिए मुफ्त में खाने की व्यवस्था है। ऐसे में बहुत सारे लोगों के फोन मदद के लिए आने लगे। निशा को इस काम में मदद चंद्रशेखर और विनिता साहू करती हैं। निशा खाने के पैकेट में अलग-अलग नाश्ते के साथ खाने में रोटी, सलाद, चावल और सब्जी देती हैं। निशा बताती हैं उनके इस काम के लिए बहुत सारे लोग पैसे भी मुहैया करा रहे हैं।