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Ananda: कौन हैं आनंदा जिन्होंने एक करोड़ की नौकरी छोड़कर चंडीगढ़ की बंजर जमीन को किया हरा-भरा

Sun, 02 Mar 2025 05:59 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

आनंदा ने एक करोड़ की नौकरी छोड़कर लगभग 12 साल पहले प्रकृति के करीब जाने का फैसला किया। शहर की भागदौड़ से दूर, उन्होंने अपने परिवार के साथ एक ऐसा जीवन चुना जो पर्यावरण के अनुकूल हो और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे।
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आनंदा - फोटो : Instagram
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विस्तार
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मुंबई की तेज-तर्रार जिंदगी और अच्छे पैकेज वाली नौकरी को छोड़कर एक महिला ने प्रकृति को संवारने का जिम्मा उठाया। इस महिला ने एक करोड़ की नौकरी छोड़कर चंडीगड़ के पास एक बंजर जमीन को हरा भरा जंगल बना दिया। उनके इस सफर ने न केवल पर्यावरण को संवारने का काम किया, बल्कि एक आत्मनिर्भर जीवनशैली की मिसाल भी पेश की। ये महिला उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो शहरी जीवन की तेजी और प्रदूषण से तंग आकर एक शांत और प्राकृतिक जीवन जीना चाहते हैं। इस महिला का नाम है आनंदा। आइए जानते हैं कौन हैं आनंदा और प्रकृति के लिए उनके योगदान के बारे में।

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मुंबई में नौकरी छोड़ चंडीगढ़ में खेती और पौधारोपण कर रहीं आनंदा

आनंदा ने एक करोड़ की नौकरी छोड़कर लगभग 12 साल पहले प्रकृति के करीब जाने का फैसला किया। शहर की भागदौड़ से दूर, उन्होंने अपने परिवार के साथ एक ऐसा जीवन चुना जो पर्यावरण के अनुकूल हो और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे। चंडीगढ़ के पास आनंदा की जमीन थी, जिसपर उन्होंने 5,000 से अधिक पेड़ लगाए और 150 से अधिक तरह की फसलें उगाईं। उनके इस प्रयास से बंजर ज़मीन एक हरे-भरे जंगल में तब्दील हो गई, जो आज कई पक्षियों और जीवों का घर बन चुकी है।

प्राकृतिक संसाधनों से बना है घर 

प्रकृति के करीब रहने वाली आनंदा ने घर भी खास तरीके से बनवाया है। उनका घर पूरी तरह से प्राकृतिक संसाधनों से बना हुआ है। इसे राम्ड अर्थ, पत्थर और चूने से बनाया गया है, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा-कुशल बना हुआ है। इस घर में आधुनिक सुविधाओं की जगह प्राकृतिक तरीके अपनाए गए हैं, जिससे कम से कम संसाधनों का उपयोग कर एक आरामदायक जीवन जिया जा सके।
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आनंदा का मानना है कि असली संपत्ति पैसे या भौतिक सुख-सुविधाएं नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और ताजा भोजन है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर भी खुशहाल और संतोषजनक जीवन जिया जा सकता है।

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