रेलू रखती हैं बच्चोंं के पोषण का ध्यान
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कोराेना के कारण उठाया कदम
दरअसल, पूर्व में क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं आंगनबाड़ी आया करती थीं, और स्वयं की तथा 6 वर्ष के कम उम्र के बच्चों के पोषण की जांच और खुराक आंगनबाड़ी से लिया करती थीं। किंतु काेरोना महामारी के डर के कारण क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं आंगनबाड़ी तक नहीं पहुंच पाईं तो रेलू ने स्वयं उन लोगों महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं तक पहुंचने की ठानी।