स्थानीय पुलिस प्रमुख हबीबुर्रहमान मालिकजादा ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि चरमपंथियों ने लड़की के पिता को घर के बाहर खींचा और जब उसकी मां ने विरोध करने की कोशिश की तो दोनों को मार दिया। अधिकारी ने बताया,"इसके बाद घर के भीतर मौजूद लड़की ने घर में रखी एके-47 राइफल उठाई और पहले अपने मां-बाप को मारने वाले चरमपंथियों को मार डाला और फिर कुछ और चरमपंथियों को घायल कर दिया।"
लड़की की उम्र 14 से 16 साल के बीच बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर हाथों में एके-47 लिए उसकी एक तस्वीर भी शेयर हो रही है। इस घटना के बाद तालिबान के कई और चरमपंथी आए और उन्होंने लड़की के घर पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन कुछ गांववालों और सरकार समर्थक हथियारबंद गुटों ने उन्हें संघर्ष के बाद पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि अफग़ान सुरक्षाबल इस लड़की और उसके छोटे भाई को अपनी सुरक्षा में लेते हुए किसी अन्य स्थान पर ले गए हैं।
तारीफ
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लड़की की तारीफ की जा रही है। नजीबा रहमी नाम की एक यूजर ने फेसबुक पर लिखा - "उसके साहस को सलाम।" एक और यूजर मोहम्मद सालेह ने फेसबुक पर लिखा - "हमें पता है, माता-पिता की जगह कोई नहीं ले सकता, पर तुमने जो बदला लिया है उससे तुम्हें थोड़ी शांति मिलेगी। " मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गोर अफगानिस्तान के सबसे कम विकसित प्रांतों में से एक है। तालिबान ने फरवरी में अमेरीका के साथ एक शांति समझौता किया था। लेकिन उसका एक बहुत बड़ा गुट अफगान सरकार को उखाड़ फेंकना चाहता है।