कम उम्र से ही ये युवती वो काम कर रही है जिसे करने की हिम्मत बड़ी उम्र के लोगों में नहीं होती। 16 की देवीश्री तेलंगाना के खम्मम जिले की रहने वाली हैं। वो जिले के ऐसे पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देती हैं। जो लावारिश होती हैं। इन दिनों कोरोना की वजह से तेलंगाना के खम्मम जिले में भी मौतों का सिलसिला जारी है। ऐसे में वो उन पार्थिव शरीर का भी अंतिम संस्कार करती हैं जिनके परिजन उन्हें छोड़ कर चले जाते हैं। केवल इस कठिन समय में ही नहीं देवीश्री अपने साथ दो अन्य महिलाओं की मदद से रेलवे ट्रेक के किनारे पड़े क्षत-विक्षत शव को भी अंतिम संस्कार में मदद करती हैं।
देवी एक स्वयंसेवी संस्था अन्नम सेवा फाउंडेशन से जुड़ी हैं। जिसके तहत वो ये काम करती हैं। ऐसी लाशें जो हादसे का शिकार हो जाती हैं और उनका कोई दावेदार नहीं होता है तो वो उन्हें मुक्ति दिलाती हैं। कई बार पुलिस वाले भी इन्हें और इनके साथ की महिला साथियों को इस बारे में सूचना देते हैं।
देवी कक्षा 12 की छात्रा हैं और माता-पिता के साथ येल्लाडु में नाश्ते का स्टॉल चलाती हैं। लेकिन लॉकडाउन के बाद से ही उनका स्टॉल बंद है और वो फिलहाल फाउंडेशन में कुक के तौर पर काम कर रही हैं।