दरअसल, करथिया गांव में बदमाश सुभाष बाथम व उसकी पत्नी ने अपनी बेटी की बर्थडे पार्टी के बहाने गांव के 23 बच्चों को घर पर बुलाया था। यहां तहखाने में दंपति ने मिलकर बच्चों को बंधक बना लिया था। तहखाने में 15 किलो बारूद से भरा सिलिंडर बम रखा था। यहीं पर सभी बच्चे बंधक बने थे।
तभी 14 वर्षीय अंजलि ने सिलिंडर बम के तार को दांतों से काट दिया था। इससे बड़ी घटना टल गई थी। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि अंजलि का नाम राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा। इसके पहले सभी बच्चों को मुख्यमंत्री के हाथों भी सम्मान मिलेगा।
बच्चों का हौसला भी बढ़ाया
आईजी ने बताया कि बंधक बनाए गए बच्चों में कई कम उम्र के बच्चे शामिल थे। सुभाष की क्रूरता का डर उनके भीतर समा गया था। इस दौरान अंजलि ने इन बच्चों का हौसला बढ़ा हिम्मत बंधाई थी। तभी बच्चे दस घंटे तक धैर्य से बैठे रहे।