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Ram Mandir: 'मैं धर्म के पाखंड और धर्म की राजनीतिक का विरोधी', प्राण प्रतिष्ठा में जाएंगे कांग्रेस नेता खत्री

Wed, 17 Jan 2024 10:54 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि मैं धर्म के पाखंड का और धर्म के सहारे राजनीतिक लाभ लेने के हथकंडे का विरोधी हूं। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण मिला है। मैं इसका सम्मान करते हुए इसमें भाग लूंगा। पार्टी से ऐसा निर्देश नहीं है कि कोई कांग्रेसी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भाग न लें।
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Nirmal Khatri - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे। अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले पीसीसी राजेंद्र प्रताप सिंह को भी निमंत्रण पत्र मिला है।
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डॉ. निर्मल ने सोशल मीडिया पर अपने मन के उद्गार व्यक्त किए। लिखा है कि राम भक्त होना कोई पाप नहीं है। मुझे इस भक्ति पर गर्व है। इस बात पर भी गर्व है कि मैं प्रभु राम की नगरी का निवासी ही नहीं, वरन मेरी जन्मस्थली व कर्म भूमि भी अयोध्या है। सभी धर्मों के लोगों को अपने इष्ट देवों पर गर्व करना चाहिए।



रामकथा के पहले रचयिता वाल्मीकि ने लिखा है। उन्होंने लिखा है-
"रामो विग्रहवान् धर्म:" अर्थात राम धर्म है और धर्म ही राम।
यानी राम जो करते है वह धर्म हो जाता है इससे धर्म की व्याख्या होती है।

उन्होंने आगे लिखा कि मैं धर्म के पाखंड का और धर्म के सहारे राजनीतिक लाभ लेने के हथकंडे का विरोधी हूं। मैं व्यक्तिगत जीवन मे न कोई व्रत रखता हूं और न ही पूजा पाठ। हां रामभक्त हनुमान जी का हृदय में स्थान है व उन्हीं को रोज याद कर अपना प्रत्येक दिन व्यतीत करता हूं। ईश्वर के प्रति भक्ति और आस्था मुझमे है।
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पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री ने आगे लिखा कि यह अलग बात है कि अपने जीवन में मैं कई तीर्थो पर जाकर प्रणाम कर चुका हूं। अमरनाथ यात्रा, वैष्णो देवी यात्रा, रामेश्वरम, पुरी जगन्नाथ, नासिक त्रयम्बकेश्वर,  काशी विश्वनाथ, श्रीनगर शंकराचार्य मंदिर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगौत्री, हरिद्वार, उज्जैन महाकाल, ओंकारेश्वर, द्वारिका, मथुरा, वृंदावन, सोमनाथ मंदिर, विघ्नेश्वर मंदिर, तिरुपति, शिरडी साईबाबा आदि।

 

इन बातों को लिखने का तात्पर्य यह है कि अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के निमंत्रण का सम्मान करते हुए इसमें भाग लूंगा। पार्टी से ऐसा निर्देश नहीं है कि कोई कांग्रेसी इसमें भाग न लें। सिर्फ सर्वोच्च नेताओं ने ही 22 तारीख के निमंत्रण में आने की असमर्थता व्यक्त की है।

 
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अब तो प्रदेश कांग्रेस इकाई ने भी 15 तारीख को अयोध्या यात्रा, सरयू में डुबकी, दर्शन करके 22 के निमंत्रण को हर हाल में स्वीकार करने के लिए प्रेरित कर दिया है। उन्होंने आगे लिखा कि मुझे गर्व है कि मेरे साहसी नेता राहुल गांधी इस देश के लोगों की आवाज बनकर उनकी समस्याओं को उजागर करने और उन्हें यह विश्वास दिलाने कि राहुल गांधी उनके साथ खड़े हैं, एक लंबी यात्रा पर मणिपुर से महाराष्ट्र के लिए निकले हैं।

 
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