रामलला के दरबार में देश का पहला भीष्म अस्पताल स्थापित हुआ। यह दुनिया का सबसे अनूठा है जो एक साथ 200 से भी ज्यादा गंभीर मरीजों की देखभाल कर सकता है। महज 70 डिब्बों में आने वाले इस स्वदेशी अस्पताल को हाल ही में आरोग्य मैत्री के तहत भारत ने दूसरे देशों की सहायता के लिए तैयार किया है।
भारत अब तक श्रीलंका और म्यांमार को यह अस्पताल दे चुका है, लेकिन देश के किसी शहर में इसे पहली बार स्थापित किया है। अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को देखते हुए राज्य सरकार के साथ मिलकर केंद्र ने थ्री लेयर मॉडल लागू किया है, जिसके तहत दो आरोग्य मैत्री भीष्म अस्पताल को स्थापित हुए।
इसमें वेंटिलेटर से लेकर रक्तचाप और ऑक्सीजन नापने के यंत्र मौजूद हैं। एक्सरे और रक्त जांच की सुविधा होने के साथ साथ मरीजों के कंबल, दवाएं और छोटी सर्जरी में इस्तेमाल संसाधन उपलब्ध हैं।
महज 8 मिनट में हो जाता है तैयार
यह विश्व का पहला ऐसा आपदा अस्पताल है जो महज आठ मिनट के अंदर स्थापित किया जा सकता है और इसे कहीं भी आपदा होने पर इस्तेमाल किया जा सकता है। करीब 720 किलो भार क्षमता वाले 70 बॉक्स को हेलीकॉप्टर से नीचे जमीन या नदी में फेंकने पर भी कोई असर नहीं पड़ता है। एक अस्पताल को तैयार करने में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आती है।