समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन का लोगो जारी हो गया है। लोगो साइकिल और हाथी से मिलकर बना है। अखिलेश यादव ने इस लोगो को ट्वीट किया है। उन्होंने लोगो के साथ ही लिखा है कि यह वक्त महापरिवर्तन का है। यूपी में सपा और बसपा अपने 23 साल पुरानी दुश्मनी को भुलाकर इस लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में आने से रोकने के लिए एक साथ आए हैं। ये ही वजह है कि दोनों पार्टियों का 'चुनावी लोगो' साइकिल के पहिए और हाथी के सूंड़ को मिलाकर बनाया गया है।
क्या है इस लोगो का अर्थ?
सपा और बसपा के इस चुनावी लोगो को नाम 'साथी' है। लोगो की टैग लाइन- महागठबंधन से महापरिवर्तन रखी गई है। लोगो दोनों पार्टियों के चुनाव चिन्ह से मिलकर बना है। 'सा' का अर्थ साइकिल और 'थी' का अर्थ बहुजन समाज पार्टी के चुनाव चिन्ह हाथी से है। लोगो लाल और नीले रंग से बना है। लोगो में साइकिल का पहिया लाल और हाथी की सूंड नीले रंग की बनाई गई है। इस लोगो को जारी करते हुए अखिलेश ने इसकी रचनात्मकता की तारीफ की है और इसे बनाने वाली टीम को बधाई दी है।
'भाजपा समाज को पीछे ले जाना चाहती है'
अखिलेश यादव ने इस लोगो को ट्वीट करने से पहले एक और ट्वीट किया था। इसमें मायावती की तारीफ की गई है। अखिलेश ने लिखा है-मायावती जी ने जीवन भर पिछड़ों, गरीबों और महिलाओं के सम्मान व भागीदारी के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने उन वर्गों के खिलाफ आवाज उठाई जिन्होंने वंचित वर्ग को दबाना चाहा। अखिलेश यादव ने आगे लिखा है कि भाजपा समाज को पीछे ले जाना चाहती है जबकि हम एक बेहतर भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। इस ट्वीट के आखिर में उन्होंने लिखा- वक्त महापरिवर्तन का है।
यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 37 पर समाजवादी पार्टी व 38 पर बहुजन समाज पार्टी चुनाव लड़ रही है। तीन सीटों को चौधरी अजीत सिंह की 'रालोद' के लिए छोड़ा गया है।