भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लगातार मंग बढ़ रही है। योगी केरल से लेकर गुजरात तक सक्रिय हो गए हैं। मुख्यमंत्री 13, 14 और 15 अक्टूबर तक गुजरात के बलसाड़, नवसारी, सूरत और कच्छ में जोरदार प्रचार अभियान चलाएंगे। 14 अक्टूबर को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अहमदाबाद के टाऊन हाल में महिलाओं को रिझाएंगी। वहीं शुक्रवार को ही केन्द्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा, रेल मंत्री पीयुष गोयल भी गुजरात जाने का कार्यक्रम बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी वहां 16 अक्टूबर को होंगे।
इस तरह से भाजपा ने दीपावली से पहले गुजरात की चुनावी फिजां बदल देने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव आयोग द्वारा राज्य में चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ही भाजपा के इस आक्रामक प्रचार अभियान को काफी अहम माना जा रहा है।
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समझा जा रहा है कि राहुल के तीन दिन तक लगातार गुजरात में रहने के बाद भाजपा ने अभी से गुजरात को टॉप ऐजंडे पर लेकर चलना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि भाजपा के इस भारी भरमक प्रचार अभियान का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को घेरना है।
लखनऊ से प्राप्त सूचना के अनुसार योगी आदित्यनाथ अपने प्रचार अभियान में राहुल पर व्यंग, कटाक्ष और तंज कसने में कोई असर नहीं छोड़ने वाले हैं। इसी तरह से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज उन्हें आरएसएस में महिलाओं की भागेदारी पर दिए गए बयान को लेकर घेर सकती है।
राहुल का यह बयान संघ को नागवार गुजरा है। इसको देखते हुए भाजपा के नेताओं ने इसे गुजरात और देश भर की महिलाओं के आत्मसम्मान से जोड़ने की मुहिम शुरू कर दी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने चिर परिचित अंदाज में अपना पक्ष रखने के साथ-साथ कुछ बड़ी घोषणा कर सकते हैं।
आधा दर्जन मंत्री चले गुजरात की ओर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सुषमा स्वराज के अलावा करीब आधा दर्जन केन्द्रीय मंत्री गुजरात में चुनाव प्रचार को धार देने के लिए वहां डेरा जमा सकते हैं। महेश शर्मा पिछले कुछ सप्ताह से हर शनिवार और रविवार का समय गुजरात की भारतीय जनता पार्टी को दे रहे हैं।
रेलमंत्री पीयुष गोयल भी गुजरात में विकास के काम तथा प्रचार प्रसार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। केन्द्रीय मंत्रियों के अलावा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने भी गुजरात में प्रचार अभियान को धार देने के लिए अपनी मशीनरी से जुट जाने को कहा है।
सूत्र बताते हैं कि इस बार गुजरात के चुनाव प्रचार में तेजी लाने के लिए उ.प्र., म.प्र., महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कई राज्यों के आरएएसएस के स्वयं सेवक और प्रचारक जुटना शुरू हो गए हैं।
काश राहुल बनाम मोदी हो जाता
भाजपा की दिली इच्छा है कि गुजरात विधानसभा का प्रस्तावित चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बनाम कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी हो जाए। पार्टी के रणनीतिकारों को इसकी अहमियत पता है। वह जानते हैं कि राहुल बनाम मोदी होने पर गुजरात विधानसभा चुनाव चुटकी बजाकर जीता जा सकता है। इससे जहां गुजरात की अस्मिता और स्वाभिमान के नाम पर छोटे-मोटे मुद्दे हवा हो जाएंगे, वहीं प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष दोनों गुजरात से आते हैं। देश की आजादी के बाद से यह पहला अवसर है जब राज्य को पूरे देश में सत्ता के रूप में इतनी बड़ी अहमियत मिली है।
छिप जांएगे जय अमित भाई शाह
पार्टी के रणनीतिकार भाजपा अध्यक्ष के जय अमित भाई शाह की कंपनी टेंपल इंटरप्राइजेज प्रा. लि. को लेकर लग रहे आरोपों को लेकर संवेदनशील हैं। आरएसएस ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। संघ की तरफ से ठोस सबूत की दशा में जांच की बात कही जा चुकी है।
पार्टी इस स्थिति को गुजरात में जोरदार प्रचार अभियान के भरोसे ढंक लेना चाह रही है। हालांकि भाजपा की आक्रामक रणनीति को देखते हुए कांग्रेस ने भी इसकी काट तैयार कर ली है। पार्टी के एक महासचिव का कहना है कि भाजपा डाल-डाल तो कांग्रेस पात-पात चल रही है। सूत्र का कहना है कि भाजपा जय शाह पर लगे आरोप को लेकर मुगालते में न रहे। राज्य की जनता सब देख रही है।