Rajasthan Politics: राजस्थान के खेल मंत्री अशोक चांदना के एक ट्वीट से अशोक गहलोत सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सरकारी विभागों पर ब्यूरोक्रेसी किस कदर हावी है कि एक मंत्री को मुख्यमंत्री से यह कहना पड़ा कि मेरे सारे विभाग प्रमुख सचिव को ही दे दीजिए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि उन पर काम का दबाव है। तनाव में आकर ही ऐसा ट्वीट कर दिया होगा। हमें इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। मेरी अभी उनसे बात नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चांदना के ट्वीट पर कहा कि अशोक चांदना ने स्टेट स्पोर्ट्स का शानदार प्रोग्राम किया था। हिंदुस्तान में पहली बार राजस्थान में की गई बजट घोषणाओं में खेलकूद को महत्व दिया है। यह अभियान आगे चलकर इतिहास बनाएगा। करीब 30 लाख से ज्यादा लोग गांव-गांव में खेलेंगे। कबड्डी, वॉलीबॉल और खो-खो खेला जाएगा। यह कह दिया तो इतना बड़ा भार उन पर आया हुआ है। हो सकता है कि वे टेंशन में आ गए हो, और कोई कमेंट कर दिया हो।
उसको ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। उनसे बातचीत करेंगे। अभी मेरी बातचीत भी उनसे नहीं हुई है, होगी तो देख लेंगे। वह दबाव में काम कर रहे हैं, इतनी बड़ी जिम्मेदारी उन पर आ गई है। जब बात होगी तो देख लेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बयान तो दे दिया, पर चांदना के साथी मंत्री ऐसा नहीं सोचते। दरअसल, एक अन्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मसले पर चांदना से जरूर बात करेंगे। पार्टी को भी इसे गंभीरता से लेना चाहिए। हालांकि, चांदना की नाराजगी गहलोत से नहीं बल्कि व्यवस्था से है।
यह था अशोक चांदना का ट्वीट
खेल मंत्री अशोक चांदना ने गुरुवार रात दस बजे ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा- 'माननीय मुख्यमंत्री जी मेरा आपसे व्यक्तिगत अनुरोध है की मुझे इस जलालत भरे मंत्री पद से मुक्त कर मेरे सभी विभागों का चार्ज कुलदीप रांका जी को दे दिया जाए, क्योंकि वैसे भी वो ही सभी विभागों के मंत्री है'।
क्यों नाराज है चांदना?
सूत्रों का कहना है कि चांदना की मुख्य नाराजगी क्रीड़ा परिषद की अध्यक्ष कृष्णा पूनिया से है। दोनों में खींचतान की खबरें पहले भी आई थी। चांदना चाहते हैं कि खेल से जुड़ी सभी फाइलें उनके पास आए, जबकि क्रीड़ा परिषद की अध्यक्ष कृष्णा पूनिया चाहती है कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में है, इसलिए काम वह ही करेंगी। दोनों ही नेता मुख्यमंत्री गहलोत के खास हैं और उन दोनों में विभाग में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। प्रमुख सचिव कुलदीप रांका को जिम्मेदारी देने की बात कहकर उन्होंने अपनी नाराजगी ही जाहिर की है।