संजय बारू और पारिख की किताबों में प्रधानमंत्री को लेकर हुए खुलासों पर चर्चा अभी समाप्त नहीं हुई थी कि मोदी के विवाह को लेकर जयपुर में पुस्तक पॉलिटिक्स शुरू हो गई है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रचारक विजय नाहर ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर किताब लिखी है, जिसमें मोदी के विवाह का जिक्र किया गया है।
मोदी पर था गौने का दवाब
नाहर की करीब 260 पन्नों की इस पुस्तक के अनुसार मोदी के पिता और घर वाले कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन पर गौना करने का दबाव डालने लगे थे।
इस पर मोदी ने अपने पिता से कहा कि लड़की वालों को स्पष्ट कह दिया जाए कि वे (मोदी) विवाह नहीं करने वाले। वे अपनी लड़की का अन्यत्र विवाह कर दें। मोदी गौना करके गृहस्थी बसाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे।
मोदी ने कर दिया था गौने से इंकार
पुस्तक के अनुसार नाहर ने लिखा है कि मोदी की शादी घांची परिवार की परंपरा के मुताबिक बचपन में ही हो गई थी।
इसलिए गौना जवान होने पर ही किया जाना था। लेकिन मोदी ने गौना से मना कर दिया। हालांकि जशोदा बेन के इंटरव्यू के मुताबिक वह करीब तीन साल तक अपने ससुराल में रही थीं।
क्या लिखा है किताब में
‘किसी विषय पर सोचने के लिए आवश्यक ही नहीं था। अहमदाबाद में रहते-रहते नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व भी अत्यंत प्रभावी हो चुका था। वह विद्यार्थी नेता व संघ के बड़े अधिकारी हो गए थे। महानगर के बड़े-बड़े लोग उनसे मिलने व सलाह करने आते थे।'
'ऐसे प्रभावी व्यक्तित्व पर जोर डालने से पिताजी-माताजी एवं बडे़ भाई भी डरते थे। संकोच करते थे। वे ये बात भी भली-भांति जानते थे कि नरेंद्र मोदी वही काम करेंगे, जो उन्होंने निश्चय किया है। कोई उन्हें विचलित नहीं कर सकता। ऐसे में विवाह की बात आई-गई हो गई।'
'उन्होंने पिताजी को स्पष्ट कहा कि वह लड़की वालों से कह दें कि मैं विवाह नहीं करने वाला। वे अपनी लड़की का कहीं और विवाह कर दें।’