नगर निकाय आम चुनाव-2026 की मतगणना और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए उदयपुर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
जीत के बाद जुलूस और आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक
कलेक्टर के आदेश के तहत चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस निकालने, जुलूस के रूप में भीड़ एकत्र करने, वाहनों के काफिले निकालने, पटाखे और आतिशबाजी करने तथा उत्तेजक नारेबाजी करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यानी परिणाम आने के बाद जीत का जश्न सार्वजनिक रूप से जुलूस या आतिशबाजी के जरिए नहीं मनाया जा सकेगा।
सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से ऐसे संदेश, वीडियो, पोस्ट अथवा अन्य सामग्री का प्रसारण भी प्रतिबंधित रहेगा, जिनसे विभिन्न समूहों के बीच तनाव उत्पन्न होने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मतगणना से अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव तक लागू रहेगा आदेश
प्रशासन का मानना है कि चुनाव परिणामों की घोषणा और निर्वाचित प्रत्याशियों के निर्वाचन के बाद विजय जुलूस, भीड़, आतिशबाजी अथवा अन्य उत्सवपूर्ण गतिविधियों के कारण लोक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। यह आदेश नगर निकाय आम चुनाव-2026 की मतगणना तथा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण रूप से पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। जिला पुलिस अधीक्षक, उदयपुर और संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेटों को आदेश की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लंघन किया तो होगी कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और उनके समर्थकों से चुनाव परिणाम आने के बाद किसी भी प्रकार की भीड़, जुलूस, आतिशबाजी या उत्तेजक गतिविधि से बचने और प्रशासन के निर्देशों की पालना करने की अपील की है।