उदयपुर में पांच साल पहले हथियारबंद तीन बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान गोली लगने पर भी साहस का परिचय देने वाले पुलिस कांस्टेबल को पुलिस मुख्यालय ने अब विशेष पदोन्नति देकर हैडकांस्टेबल बनाया है।
एडीजी हैडक्वार्टर श्रीनिवास राव जंगा ने बताया कि उदयपुर जिले के कांस्टेबल महेन्द्र सिंह को हैड कांस्टेबल बनाया गया है। गत 12 सितम्बर, 2012 को पुलिस थाना डबोक के थानाधिकारी को मावली रोड नांदवेल से आगे सांवरिया होटल के पीछे बने कमरे में तीन बदमाशों के ठहरने की सूचना मिली थी। 7 सितम्बर 2012 को ऋषभदेव थाना क्षेत्र में एक ट्रक ड्राइवर को इन्हीं बदमाशों ने गोली मारी थी। जिसमें वे वांछित थे।
इस मामले में डबोक थाने के कांस्टेबल महेन्द्र सिंह ने अपने स्तर पर सूचना जुटाकर सूझबूझ, कर्तव्यनिष्ठा एवं साहस का परिचय दिया। अवैध हथियारों से लैस बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।
जिसमें कांस्टेबल महेन्द्र सिंह के दाहिने हाथ की कोहनी में गोली लग गई थी। लेकिन वह बदमाशों को पकड़ने की कोशिश करता रहा। डीजीपी मनोज भट्ट द्वारा सेवाकाल के दौरान उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने के फलस्वरूप एवं पदोन्नति हेतु गठित कमेटी की अभिशंषा पर उदयपुर जिले के कांस्टेबल महेंद्र सिंह को विशेष पदोन्नति दी गई।