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Udaipur: फ्री पढ़ाई का लालच देकर धर्मांतरण के लिए गोवा भेजे जा रहे थे सात बच्चे, रेलवे पुलिस ने किया रेस्क्यू

Sun, 19 Jul 2026 01:14 PM IST
उदयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर

सार

Rajasthan News: उदयपुर से सात बच्चों को कथित रूप से मुफ्त शिक्षा के नाम पर गोवा ले जाने के मामले में गोवा रेलवे पुलिस ने उन्हें रेस्क्यू किया है। मामले में धर्मांतरण के उद्देश्य से बच्चों को ले जाने के आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
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7 आदिवासी बच्चों को धर्मांतरण के लिए गोवा ले जाने के संदर्भ में सांसद ने लिखा पत्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उदयपुर जिले से गरीब और आदिवासी बच्चों को कथित तौर पर मुफ्त शिक्षा का लालच देकर दूसरे राज्य ले जाने का मामला सामने आया है। गोवा रेलवे पुलिस ने सात बच्चों (दो लड़कियां और पांच लड़के) को रेस्क्यू किया है। बच्चों की उम्र 7 से 12 वर्ष के बीच बताई जा रही है। आरोप है कि उन्हें धर्मांतरण के उद्देश्य से पहले अहमदाबाद और फिर गोवा ले जाया गया था, जहां से आगे तमिलनाडु ले जाने की तैयारी थी। हालांकि, इन आरोपों की जांच जारी है और पुलिस ने अभी तक धर्मांतरण के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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गोवा से बच्चों को वापस लेकर उदयपुर पहुंची टीम
गोवा की बाल कल्याण समिति की सूचना पर उदयपुर पुलिस और बाल कल्याण समिति की टीम गोवा पहुंची। शनिवार को सभी सात बच्चों को उदयपुर लाया गया। फिलहाल बच्चों से पूछताछ की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

झाड़ोल के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं सभी बच्चे
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे उदयपुर जिले की झाड़ोल तहसील के विभिन्न गांवों के रहने वाले हैं। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें 15 जुलाई को पहले बस से अहमदाबाद और वहां से ट्रेन के जरिए गोवा ले जाया गया था।
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रेलवे स्टेशन पर हुआ शक, फिर खुला पूरा मामला
बताया जा रहा है कि गोवा रेलवे स्टेशन पर एक साथ इतने छोटे बच्चों को देखकर एक व्यक्ति को संदेह हुआ। उसने रेलवे पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और आगे की जांच शुरू कर दी।

पहले भी कई बच्चों को बाहर भेजे जाने की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह आशंका भी जताई जा रही है कि इसी नेटवर्क के जरिए पहले भी उदयपुर संभाग से कई बच्चों को तमिलनाडु भेजा गया हो सकता है। शुरुआती स्तर पर करीब 15 बच्चों के बाहर भेजे जाने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस और बाल कल्याण समिति पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

सांसद ने NIA, CBI और IB जांच की उठाई मांग
उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने मामले की जांच एनआईए, सीबीआई और इंटेलिजेंस ब्यूरो से कराने की मांग की है। सांसद ने पत्र में दावा किया है कि इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। उन्होंने डिजिटल लेन-देन, अंतरराज्यीय गतिविधियों की जांच और विशेष जांच दल के गठन की भी मांग की है।

'फ्री पढ़ाई' का लालच देकर बच्चों को भेजने का आरोप
सांसद का कहना है कि उदयपुर संभाग के कानुवाड़ा, बिछीवाड़ा और कलिंजरा समेत कई क्षेत्रों में पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ने के बाद अब बच्चों को मुफ्त शिक्षा और बेहतर भविष्य का लालच देकर दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है।

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परिजनों से भी पूछताछ, जांच के बाद होंगे सुपुर्द
पुलिस और बाल कल्याण समिति बच्चों के माता-पिता और ग्रामीणों से भी पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद ही बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। इस बीच विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधियों ने भी बाल कल्याण समिति पहुंचकर मामले की जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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