टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरीशचंद्र मीना ने जिला परिषद सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। बिजली, पानी, खनन, शिक्षा और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सांसद ने अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करने की नसीहत दी। बैठक में उन्होंने पीड़ितों की समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखीं और कई मामलों में नाराजगी भी जताई। उन्होंने प्रधानाचार्य की जगह शिक्षक को एपीओ करने पर नाराजगी भी जताई।
बिजली-पानी से लेकर शिक्षा तक, विभागों की खुली समीक्षा
बैठक के दौरान सांसद हरीशचंद्र मीना ने विद्युत विभाग, पेयजल विभाग, खनिज विभाग, शिक्षा विभाग और चिकित्सा विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। कई मुद्दों पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब मांगे और कामकाज में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाना चाहिए।
प्रधानाचार्य की जगह शिक्षक को एपीओ करने पर नाराजगी
निवाई क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में परीक्षा परिणाम को लेकर हुई लापरवाही के मामले में सांसद ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने प्रधानाचार्य की जगह शिक्षक को एपीओ किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों के सामने रखीं पीड़ितों की समस्याएं
बैठक में सांसद का सबसे सख्त रुख पुलिस विभाग को लेकर नजर आया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों में पीड़ित लोगों को बैठक में बुलाकर उनकी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। सांसद ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि आमजन को न्याय दिलाना पुलिस की जिम्मेदारी है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विद्युत अधिकारियों पर भड़के सांसद
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों द्वारा पूरी जानकारी नहीं दिए जाने पर सांसद नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि बैठक में पूरी तैयारी के साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आपसे अलग से फुर्सत में बात करेंगे... आपके पास जानकारी पूरी नहीं है, पढ़कर आया करो।'
खनिज विभाग से मांगा पांच साल का हिसाब
सांसद हरीशचंद्र मीना ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से खनिज विभाग से जुड़े विकास कार्यों और फंड की पिछले पांच वर्षों की जानकारी मांगी। उन्होंने जिले में अवैध बजरी खनन और परिवहन के मामलों पर भी नाराजगी जताई और पुलिस तथा खनिज विभाग के अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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'जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं तो आमजन क्या उम्मीद करेंगे?'
बैठक में सदर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई में देरी को लेकर सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं होगी तो आमजन पुलिस से क्या उम्मीद करेंगे। इस पर पुलिस अधीक्षक रोशन मीना ने जवाब देते हुए बताया कि दतवास थाना क्षेत्र के मामले में कई गिरफ्तारियां की गई हैं और सदर थाना क्षेत्र के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है।