राजस्थान के रणथंभौर बाघ अभ्यारण्य में मुफ्त की सफारी करने के लालच में एक व्यक्ति हवालात पहुंच गया। दरअसल, सोमवार सुबह अशोक जैन नाम का एक व्यक्ति रणथंभौर पहुंचा। यहां वह अपने साथ एक लेटर हेड लाया, जो एमपी सीएम का बताया गया। इस लेटर हेड पर फ्री में जिप्सी देने की सिफारिश की गई थी। लेकिन व्यक्ति के हाव-भाव से वन विभाग के अफसरों को शक हुआ। इस पर उस व्यक्ति से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि यह लेटर हेड फर्जी है।
इस व्यक्ति का नाम अशोक जैन बताया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने पूछताछ के बाद इसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में इसे सवाई माधोपुर कोतवाली के सुपुर्द कर दिया गया। अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह व्यक्ति फर्जी लेटर हेड आखिर कहां से लाया। इस तरह के लेटर हेड का यह कहां-कहां इस्तेलाम कर रहा था और इसके साथ कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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सवाई माधोपुर बाघ अभ्यारण्य में बाघों को देखने के लिए बड़ी संख्या में टूरिस्ट आते हैं। इसके लिए वन विभाग अनुबंध पर जिप्सियां लेता है और इन्हीं जिप्सियों को निश्चित एरिया में सफारी की अनुमति होती है। लेकिन पूर्व में भी यहां फर्जी तरीके से सफारी करवाने के मामले सामने आते रहे हैं।
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गौरतलब है कि पिछले साल भी रणथम्भौर में फर्जी आईडी के जरिए गेस्ट बुकिंग का मामला सामने आया था। इसमें एक होटल समूल के गेस्ट से जुड़े फर्जी आधार आईडी का इस्तेमाल सफारी बुक करने में किया गया था।