केकड़ी तहसील के मेवदाकला गांव निवासी आकाश गुर्जर अपनी दुल्हन को लेने के लिए हेलीकॉप्टर से बारात लेकर गया। गांव की महिलाओं ने मंगलगीत गाकर दूल्हे को विदा किया। हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने पर हेलीपैड पर मौजूद हुजूम ने करतल ध्वनि से प्रसन्नता व्यक्त की।
मेवदाकला से हेलीकॉप्टर ने दूल्हे व परिजनों को लेकर दोपहर करीब ढ़ाई बजे उड़ान भरी और 20 मिनट में बाजटा गांव पहुंचा। इस दौरान यह नजारा देखने पूरा बाजटा गांव हैलीपेड पर उमड़ पड़ा। खुद दुल्हन अनीता ने हैलीपेड पहुंचकर अपने जीवन साथी की अगवानी की।
इस अनोखी शादी की चर्चा पूरे इलाके में व्याप्त रही। लोगों में इसे देखने के लिए काफी उत्सुकता बनी रही। दूल्हे का हेलीकॉप्टर से आगमन जहां लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा, वहीं वर व वधु दोनों परिवार के लोगों के लिए भी यह एक यादगार पल बन गया।
मेवदाकला निवासी दूल्हे आकाश गुर्जर के पिता दलराज गुर्जर कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। वहीं बाजटा गांव की दुल्हन अनीता गुर्जर के पिता रमेश लूणी खेती-बाड़ी करते हैं। आकाश गुर्जर व अनीता गुर्जर दोनों ग्रेजुएट है। दूल्हे आकाश गुर्जर ने बताया कि यह पल उसके जीवन का सबसे यादगार पल है। उसने कहा कि वह अपनी शादी में कुछ खास करना चाहता था। इसीलिए उसने हेलीकॉप्टर से बारात लेकर जाने की योजना बनाई, ताकि शादी हमेशा के लिए खास बन सके।
दादी के साथ बारात लेकर गया दूल्हा
दूल्हा आकाश गुर्जर अपनी 65 वर्षीय दादी सायरी देवी को भी हेलीकॉप्टर में साथ लेकर गया। इसके अलावा दूल्हे के पिता देवराज गुर्जर, चाचा जयशंकर गुर्जर व दोस्त विकास गुर्जर भी हेलीकाप्टर में सवार थे।
पुलिस प्रशासन भी रहा तैनात
दूल्हे आकाश गुर्जर के गांव मेवदाकला व ससुराल बाजटा में हेलीपैड बनाए गए। जहां पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस जवान तैनात किए गए। वहीं दमकल व चिकित्सा विभाग की टीम भी तैनात रही।
एक माह से तैयारी
दूल्हे के चाचा धनराज गुजराल ने बताया कि शादी को लेकर पिछले एक महीने से तैयारी की जा रही थी। हेलीकॉप्टर की इजाजत के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग, दमकल विभाग, पुलिस प्रशासन से स्वीकृति ली गई। इसके बाद मेवदाकला के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय व बाजटा गांव में हेलीपैड बनाया गया।