सिरोही में दीपावली पर्व के दौरान पटाखों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। जिला मजिस्ट्रेट अल्पा चौधरी ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिले में दीपावली के दिन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे। इसके बाद रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना का निर्देश
जिला मजिस्ट्रेट अल्पा चौधरी ने बताया कि यह आदेश सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुपालन में जारी किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेज आवाज वाले पटाखों पर पूर्णतया रोक रहेगी और इन नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी उपखंड मजिस्ट्रेटों, वृत्ताधिकारियों, पुलिस एवं थानाधिकारियों को आदेशों की सख्त पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं ताकि वायु और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
खुले स्थानों में ही चल सकेंगे पटाखे
डीएम चौधरी ने कहा कि पटाखे केवल खुले मैदानों में ही चलाए जाएंगे। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, राजकीय कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से 150 मीटर की दूरी के भीतर पटाखे चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंप, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, आबादी वाले क्षेत्र, गली-मोहल्ले, बाजार और पटाखों की दुकानों के पास पटाखे चलाना पूरी तरह निषिद्ध रहेगा।
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बिना लाइसेंस बिक्री और विदेशी आतिशबाजी पर रोक
आदेश के अनुसार, बिना लाइसेंस के पटाखों का भंडारण या बिक्री करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विदेशी आतिशबाजी सामग्री का आयात और विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि किसी व्यक्ति पर पटाखे फेंकना, तेज आवाज या अत्यधिक रोशनी वाले पटाखे छोड़ना पूरी तरह वर्जित है।
केवल प्रमाणित ‘ग्रीन पटाखे’ ही होंगे मान्य
अल्पा चौधरी ने कहा कि कोई भी लाइसेंसधारी व्यक्ति 125 डेसीबल से अधिक आवाज वाले पटाखों का विक्रय या प्रयोग नहीं करेगा। प्रदूषण रोकने के लिए केवल वही निर्माता और विक्रेता अधिकृत होंगे जिनके पास एनईईआरआई (NEERI) और पीईएसओ (PESO) द्वारा जारी वैध प्रमाणपत्र है। उन्होंने कहा कि ग्रीन क्रैकर्स के उत्पादन और प्रयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि पर्व की खुशी के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
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