आबूरोड में 200 करोड़ की लागत से 50 एकड़ में बनेगा हॉस्पिटल।
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आबूरोड शहर और आसपास के क्षेत्रों में निवासरत लोगों के लिए राहतभरी खबर है। सोमवार को जन्माष्टमी के मौके पर शहर के तलेटी में शिवमणि होम के पास बनने वाले मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का भूमिपूजन किया गया। यह हॉस्पिटल 200 करोड़ की लागत से अगले 2 साल में 50 एकड़ में बनकर तैयार हो जाएगा। इसकी क्षमता 250 बेड की रहेगी। ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय शांतिवन में आयोजित कार्यक्रम में 10 मई 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हॉस्पिटल की वर्चुअल नींव रखी थी। उन्होंने इसे सिरोही जिले में गंभीर रोगों के इलाज के लिए महत्वपूर्ण बताया था।
भूमिपूजन के दौरान ब्रह्माकुमारीज़ के महासचिव एवं ग्लोबल हॉस्पिटल के ट्रस्टी बीके राजयोगी निर्वैरभाई ने कहा कि हॉस्पिटल को दो साल के अंदर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी अनुमानित लागत करीब 2 सौ करोड़ रुपये आएगी। इसके बनने से आबू रोड में लोगों को सहज-सुलभ इलाज की सुविधा मिल सकेगी। अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन भाई ने कहा कि हॉस्पिटल सर्वसुविधायुक्त होगा, इससे लोगों को अहमदाबाद नहीं जाना पड़ेगा और गंभीर रोगों के जांच की सुविधा यहीं मिल सकेगी। माउंटआबू स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. प्रताप मिड्ढा ने बताया कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से 50 एकड़ में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय जरूरतमंद लोगों को सहज ही इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। अभी तक यह व्यवस्था केवल बड़े शहरों में ही है।
तन के साथ होगा मन का इलाज
मल्टीमीडिया निदेशक बीके करुणा भाई ने बताया कि सबसे अहम बात हॉस्पिटल में तन के साथ मन का इलाज भी किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से मेडिटेशन रूम बनाए जाएंगे, ताकि दवा और दुआ दोनों के समन्वय से लोग जल्दी स्वस्थ हो सकें। हॉस्पिटल में आधुनिक उपकरणों के साथ विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं देंगे। हॉस्पिटल निर्माण के साथ नर्सिंग कॉलेज का भी विस्तार किया जा रहा है। इससे पहले से ज्यादा सुविधाएं मरीजों को मिल सकेंगी। डॉ. सतीश गुप्ता, बीके हंसा दीदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
ये सुविधाएं मिलेंगी
हॉस्पिटल में मुख्य रूप से न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी की विशेष यूनिट शुरू की जाएगी। इसमें जाने-माने विषय विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं देंगे। इसके अलावा प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, पैलिएटिव केयर और जेरिएट्रिक केयर (वरिष्ठ नागरिक गृह) की भी सुविधा रहेगी। साथ ही तीसरे साल में हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के इलाज की सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।