शाहपुरा जिले को समाप्त करने के विरोध में चल रहा जिला बचाओ संघर्ष समिति का आंदोलन लगातार जोर पकड़ रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को शहर के त्रिमूर्ति चौराहे पर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि देने के लिए विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया।
संघर्ष समिति ने शहर में काली पट्टी बांधकर सरकार के निर्णय का विरोध जताया। यह प्रतीकात्मक विरोध आंदोलनकारियों के दृढ़ संकल्प और संघर्ष की तीव्रता को दर्शाता है। समिति ने शाहपुरा जिले के नागरिकों से अपील की कि वे आंदोलन को मजबूती देने के लिए अधिक से अधिक संख्या में समर्थन दें। यज्ञ और विरोध प्रदर्शन के बाद शाहपुरा के नागरिकों में सरकार के इस फैसले के प्रति आक्रोश और गहराता जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
संघर्ष समिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में गांव-गांव जाकर पत्रक बांटने और जनजागरूकता बढ़ाने का कार्य उनकी रणनीति का अहम हिस्सा होगा। इसके जरिए ग्रामीणों को शाहपुरा जिले के बने रहने के लाभ और इसे समाप्त करने के संभावित दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाएगा। यज्ञ और विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शाहपुरा के नागरिक अपने जिले के अस्तित्व को बचाने के लिए पूरी तरह से संगठित और प्रतिबद्ध हैं। आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शाहपुरा जिले को समाप्त करने का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए।