सचिन पायलट ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी से हुई मुलाकात को पूरी तरह अनौपचारिक बताया। उन्होंने कहा आज सीपी जोशी की तरफ से प्रसादी का आयोजन रखा गया है। शाम को इस कार्यक्रम में जाना संभव नहीं हो पाएगा। इसलिए विधानसभा अध्यक्ष से शिष्टाचार मुलाकात की है।
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट शनिवार को अचानक स्पीकर सीपी जोशी के सिविल लाइंस स्थित सरकारी बंगले पर पहुंच गए। पायलट और जोशी की इस मुलाकात की सियासी गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई है। हालांकि, पायलट ने कहा सीपी जोशी ने प्रसादी का कार्यक्रम रखा है। उसमें जाना नहीं हो पाएगा, इसलिए पहले ही आकर मुलाकात कर ली।
मेरे सुझावों पर अमल करना चाहिए
3 सह-प्रभारियों का अच्छा संकेत जाएगा- पायलट
पायलट ने सीपी जोशी से हुई मुलाकात को अनौपचारिक भेंट बताया। उन्होंने प्रदेश में एआईसीसी द्वारा लगाए गए 3 सह-प्रभारियों के सवाल पर कहा कि समय-समय पर संगठन में बदलाव होते रहते हैं। विधानसभा चुनाव 6 महीने दूर हैं, इसलिए लोगों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसका अच्छा संकेत जाएगा।
महंगाई, बेरोजगारी, पहलवानों का धरना ज्वलंत मुद्दे हैं- पायलट
कर्नाटक चुनाव में हार सामने देखकर बौखलाई बीजेपी- पायलट
पायलट ने कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेता द्वारा कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को विषकन्या बताए जाने के मामले की निंदा करते हुए कहा कि सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष रही हैं। वह कद्दावर नेता हैं, उनके लिए इस तरह की भाषा निंदनीय और शर्मनाक है। चुनाव अपनी जगह है। लेकिन भाषा का स्तर नहीं गिरना चाहिए। कर्नाटक चुनाव में हार सामने देखकर बीजेपी बौखलाई हुई है। कर्नाटक चुनाव में जिस तरह से प्रचार चल रहा है, उससे लग रहा है कि वहां स्पष्ट बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनेगी।
डॉ. सीपी जोशी के प्रसादी कार्यक्रम में जाना नहीं हो पाएगा
सचिन पायलट ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी से हुई मुलाकात को पूरी तरह अनौपचारिक बताया। उन्होंने कहा आज सीपी जोशी की तरफ से प्रसादी का आयोजन रखा गया है। शाम को इस कार्यक्रम में जाना संभव नहीं हो पाएगा। इसलिए विधानसभा अध्यक्ष से शिष्टाचार मुलाकात की है।
पहलवानों-खिलाड़ियों की आंख में आंसू आना सबके लिए शर्म की बात
सचिन पायलट ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए कहा कि जिन खिलाड़ियों ने देश के लिए मेडल जीते, आज उनको न्याय के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है। उनकी आंखों में आंसू, हम सभी के लिए शर्म की बात है। अपने नेता को बचाने के लिए केंद्र की सरकार खिलाड़ियों को न्याय से वंचित रख रही है। भारत सरकार जल्द से जल्द खिलाड़ियों के साथ न्याय करे और दोषी को सजा दे। आज नौजवान पहलवान जंतर-मंतर पर बैठे हैं। कोर्ट के दखल के बाद एफआईआर दर्ज हो रही है। यहां पर एफआईआर दर्ज होना एक स्वाभाविक सी बात है। जिन खिलाड़ियों ने मेडल जीते हैं, देश का नाम रोशन किया है, उनकी तरफ से आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी सरकार ने सुनवाई नहीं की, इससे साफ है कि वे अपने नेताओं को बचाना चाह रहे हैं।