राजस्थान विधानसभा चुनाव में आरएसएस चाहता है कि कम से कम 50 सीटों पर उसकी पसंद के उम्मीदवार उतारे जाएं।
चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश अध्यक्ष वसुंधरा राजे ने संघ से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं। अब भाजपा और संघ के रिश्तों में सुधार आता नजर आ रहा है। वसुंधरा राजे के बतौर मुख्यमंत्री पिछले कार्यकाल में संघ और भाजपा में दूरियां बढ़ गई थीं।
भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष वसुंधरा राजे ने मंगलवार को सवाईमाधोपुर पहुंचकर आरएसएस के चल रहे चिंतन शिविर के दौरान संघ के सर कार्यवाहक भैजाजी जोशी से मुलाकात की।
वसुंधरा दो घंटे संघ के शिविर में रहीं। इस दौरान भैयाजी जोशी ने करीब 50 सीटों पर संघ निष्ट भाजपा नेताओं को उम्मीदवार घोषित करने की बात रखी।
सूत्रों ने बताया कि कुछ नामों पर भी चर्चा हुई है। इस मुलाकात से राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि राजस्थान में अब फिर से भाजपा और संघ के रिश्ते फिर पटरी पर लौट रहे हैं।
गौरतलब है कि स्वयंसेवकों की पिछली वसुंधरा राजे सरकार में सुनवाई नहीं होने की शिकायतें छाई रही थीं, तो वसुंधरा पर भ्रष्टाचार के व्यक्तिगत आरोपों को लेकर भी संघ नाराज रहा था।
वसुंधरा ने वक्त की नजाकत को भांपते हुए संघ का साथ की जरूरत महसूस करते हुए रिश्ते सुधारने का कदम उठाया है।
राजस्थान में फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में भाजपा को यदि संघ का भरपूर साथ मिलता है, तो नतीजे भाजपा के हक में आ सकते हैं।