विश्व धरोहर कुंभलगढ़ दुर्ग के अंदर मुस्लिम समाज द्वारा ताजिए निकाले जाने को लेकर हिंदू संगठनों ने केलवाड़ा में विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के आह्वान पर केलवाड़ा कस्बा पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान कस्बे की सड़कों पर जगह-जगह टायर जलाकर विरोध किया और नारेबाजी भी की गई।
दरअसल, कुंभलगढ़ दुर्ग भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन है और यह वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जन्म स्थल भी है। जहां, ताजिए निकालने की घटना को लेकर हिंदू संठगनों ने नाराजगी जताई। साथ ही गुस्साए लोगों ने पुरातत्व विभाग के खिलाफ भी नारेबाजी की।
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हिंदू संगठनों के आक्रोशित कार्यकर्ता कुंभलगढ़ दुर्ग की ओर रवाना हुए, प्रशासन ने संभावित विवाद की स्थिति को देखते हुए कुंभलगढ़ दुर्ग पर मोहर्रम के जुलूस को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। जिलेभर से लगभग 200 पुलिस जवानों का जाब्ता तैनात कर मार्ग की पूरी तरह से नाकेबंदी की गई। कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों से वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा और शीघ्र समाधान किया जाएगा।
विधायक राठौड़ ने कहा, मैं आप सभी के साथ हूं। अभी तलवार निकालने की जरूरत नहीं है, कलम से भी काम हो रहा है। यदि आवश्यकता पड़ी, तो तलवार भी निकाली जाएगी। अगर, मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो मैं भी इस्तीफा देकर आप लोगों के बीच आकर बैठ जाऊंगा, मुझे विधायक पद की कोई आवश्यकता नहीं है।
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प्रशासनिक अमला रहा तैनात
घटना के दौरान कुंभलगढ़ दुर्ग पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट बृजमोहन गुप्ता, दो एएसपी-रजत विश्नोई एवं महेंद्र पारीक, डीवाईएसपी ज्ञानेंद्र सिंह, सीआई सुरेंद्र सिंह (साइबर सेल, राजसमंद), केलवाड़ा थाना प्रभारी विशाल गवारिया और दिवेर थाना प्रभारी भवानी शंकर सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। कुंभलगढ़ एसडीएम आकांक्षा दुबे भी मौके पर मौजूद रहीं।