सवाई माधोपुर में बांधों पर चली चादर
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सवाई माधोपुर जिले में हुई लगातार अच्छी बारिश ने जल संसाधनों को संजीवनी दे दी है। जिले के 18 बांधों में से 16 बांध पूरी तरह भरकर छलक गए हैं। केवल भुलनवाला और नागोलाव बांध को छोड़कर शेष सभी जलाशयों पर चादर चल रही है। इस वजह से ग्रामीणों और किसानों में भारी उत्साह का माहौल है।
कई वर्षों बाद छलका मोरसागर बांध
बामनवास के आंतरी क्षेत्र स्थित मोरसागर बांध बीते दिवस की जोरदार बारिश के बाद छलक गया। बांध पर करीब तीन इंच की चादर चल रही है। लंबे समय बाद मोरसागर के छलकने से ग्रामीणों का उत्साह चरम पर है। बांध की छटा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं और प्रकृति के इस नजारे का आनंद उठा रहे हैं।
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आंतरी क्षेत्र की लाइफ लाइन है मोरसागर
मोरसागर बांध बामनवास क्षेत्र का सबसे बड़ा बांध माना जाता है। इसकी भराव क्षमता 18.50 फीट है। इसे आंतरी क्षेत्र की लाइफ लाइन कहा जाता है, क्योंकि इस बांध से करीब साढ़े सात हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। यही वजह है कि बांध के छलकने और चादर चलने से किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
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किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
किसानों का कहना है कि मोरसागर बांध के भरने और छलकने से खरीफ फसल के साथ ही आगामी रबी सीजन की फसलों को भी पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होगी। लंबे समय से सूखे की चिंता कर रहे किसानों के चेहरों पर अब मुस्कान लौट आई है। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के लिए शुभ संकेत बताया है।