बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्र ने व्हिप में विधायकों से कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व कुछ समय से आपकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है, जिसमें आप दलबदल के दोषी पाए गए हैं। संविधान के अनुच्छेद 102 और अनुच्छेद 191 और दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत आपकी गतिविधियां अयोग्य करार देती हैं।
ऐसे समझाया दसवीं अनुसूची में दलबदल का मतलब
पत्र में विधायकों को दसवीं अनुसूची का मतलब भी समझाया है। लिखा है, किसी पार्टी का विधानसभा सदस्य तब अयोग्य हो जाएगा, अगर वह स्वैच्छिक तौर पर अपनी मूल पार्टी की सदस्यता छोड़ देता है, या पार्टी के निर्देश के बावजूद विधायक सदन में वोट से अनुपस्थित रहता है। ऐसे में यह साफ है कि आप सभी विधानसभा के सदस्य बने हुए हैं और आपकी सदस्यता बसपा से जुड़ी है।
तब नहीं होगी अयोग्यता
विधानसभा सदस्य की सदस्यता उस वक्त नहीं खत्म होगी, जब उसकी मूल पार्टी का किसी दूसरी पार्टी में विलय हो जाता है।