हाल ही में राजस्थान में करौली के बुकना गांव में मंदिर की जमीन को लेकर हुए विवाद में पुजारी पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अभी यह मामला चर्चा में ही था कि इसी तरह की एक और घटना सामने आई है। राजस्थान के जालोर जिले के रानीवाड़ा कस्बे से महज चार किलोमीटर दूर आदरवाड़ा गांव में शराब के नशे में धुत कुछ लोगों ने एक दलित युवक पर पेट्रोल छिड़क आग लगा दी। इस घटना में पीड़ित 50 फीसदी तक झुलस गया है।
आदरवाड़ा निवासी पीड़ित दलित युवक श्रवण कुमार ने मिट्टी पर लेटकर किसी तरह अपनी जान बचाई। लेकिन फिर भी वह करीब 50 प्रतिशत से अधिक झुलस गया है। गंभीर अवस्था में उसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी रानीवाड़ा पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
मामूली कहासुनी पर पेट्रोल छिड़क आग लगाई
आदरवाड़ा निवासी पीड़ित दलित युवक श्रवण कुमार ने बताया कि वह वह सोमवार शाम को दूध लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान वह रास्ते में अवैध शराब के ठेके पर खड़े अपने भाई को लेने वहां पहुंचा। वहां शराब के नशे में खड़े जितेन्द्र सिंह, रघुवीर सिंह और शेर सिंह से उसकी मामूली कहासुनी हो गई। इस पर उन्होंने एक बोतल में रखा हुआ, पेट्रोल उस पर छिड़क दिया और आग लगा दी। उसने बड़ी मुश्किल से जमीन पर लेटकर और मिट्टी डालकर कुछ लोगों की मदद से आग बुझाई। श्रवण का आरोप है कि ये तीनों युवक गांव में हमेशा दबंगाई करते आए हैं।
जोधपुर रेंज आईजी नवज्योति गोगोई पहुंचे रानीवाड़ा
श्रवण को घायलावस्था में रानीवाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। वहां श्रवण की गंभीर हालत को देखते हुए उसे गुजरात रेफर कर दिया गया। श्रवण का गुजरात के धानेरा में राजस्थान हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, श्रवण 50 प्रतिशत से अधिक झुलस गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर रेंज आईजी नवज्योति गोगोई भी मंगलवार को रानीवाड़ा पहुंचे। गोगाई ने पुलिस थाने में आला अधिकारियों की बैठक लेकर घटना की जानकारी ली। इस दौरान जालोर एसपी श्याम सिंह चौधरी भी मौजूद रहे। दलित संगठनों ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया है।