राजस्थान सरकार तृतीय श्रेणी में 31 हजार शिक्षकों की भर्ती करेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दी है। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तृतीय श्रेणी में 31 हजार शिक्षकों की भर्ती करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनकी भर्ती अध्यापक पात्रता परीक्षा के आधार पर होगी। शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने संकेत दिए हैं कि अब जल्द ही परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2020-21 के बजट भाषण में कुल 53 हजार पदों की भर्ती की घोषणा की थी। इनमें से 41 हजार पद शिक्षा विभाग के हैं।
शिक्षा विभाग ने 31 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती के संबंध में प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था, जिसे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंजूरी दे दी है। अब परीक्षा के माध्यम से भर्ती की जाएगी। गहलोत द्वारा वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद इन पदों पर भर्ती से राज्य सरकार पर दो साल तक परिवीक्षा काल में 881.61 करोड़ का भार पड़ेगा। इसके बाद 1717.40 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का वित्तीय भार आएगा।
विद्यालयों में 2489 अस्थायी पद सृजित करने को मंजूरी मिली
इसके साथ ही राज्य में क्रमोन्नत विद्यालयों में 2489 अस्थायी पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है। इनमें से प्रधानाध्यापक के 104, वरिष्ठ अध्यापक के 1692, अध्यापक के 411 एवं कनिष्ठ सहायक के 282 पद शामिल हैं।
एसओजी में 27 नए पदों का सृजन
मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्थान पुलिस के विशेष कार्यबल एसओजी की तीन इकाई के लिए 27 नवीन पदों का सृजन करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत एसओजी फील्ड यूनिट रतनगढ़ (चूरू), पनियाला (जयपुर ग्रामीण) व एंटी नारकोटिक्स यूनिट जयपुर के लिए 27 नए पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही इन चौकियों में टेलीफोन, फर्नीचर एवं मोटर-साइकिल सहित अन्य संसाधनों के लिए वित्तीय स्वीकृति दी गई है।