राजस्थान में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेश भर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। इसी सिलसिले में आज हमारा कारवां सीकर लक्ष्मणगढ़ विधानसभा पहुंचा है। यहां अमर उजाला ने नेताओं से बात की और जनता के सवाल पूछे।
डॉक्टर कुलदीप ढाका ने लक्ष्मणगढ़ की बात करते हुए बताया कि यहां जिला अस्पताल खोला गया। अब इलाज के लिए लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ता। यहां गोविंद सिंह डोटासरा पहली बार MLA बनते ही 832 करोड़ की लागत से लोगों के लिए नहर का पानी लेकर आए। लक्ष्मणगढ़ से इस बार भी विकास के नाम पर वोट डलेंगे। इस बार जितना विकास हुआ आज तक कभी नहीं हुआ।
अपने पैरों पर कुल्हाहड़ी न मारे जनता
वहीं, दूसरा धड़ा बोला कि लक्ष्मणगढ़ विधानसभा में आज तक धरातल पर कोई भी कार्य सही नहीं हुआ। कागजों में जिला अस्पताल घोषित कर दिया गया। शाम पांच बजे के बाद वहां डॉक्टर, नर्स, कंपाउंडर नहीं मिलते। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल खोले गए, लेकिन पढ़ाने लिए छह महीने तक कोई फैकल्टी नहीं थी। भामाशाह की मदद से स्कूलों का नवीनीकरण किया गया, सरकार का इसमें कोई योगदान नहीं है। सड़कों की बात की जाए तो जहां सड़कें नहीं थी वहां आज भी नहीं हैं और जहां पहले से बनी हुई हुई हैं, उनको ही तोड़कर दोबारा से बनाकर पैसा बर्बाद किया जा रहा है। जनता कांग्रेस को अगर वोट देती है जो ये जान ले कि वो अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है।
डांस में पैसा बर्बाद कर रही है सरकार
सैफेई जैसा नाच यहां कराती है सरकार। हजारों करोड़ों रुपये बर्बाद कर दिए जाते हैं शेखावाटी मेले के नाम पर। यही पैसा सकरार अन्य काम में लगाती तो कितना विकास हो जाता। यहां नगर पालिका में कांग्रेसी हो तो आपका पट्टा बन जाएगा और कोई जाएगा धक्के खाएगा।
आचार संहिता के बाद घोषणा का मतलब क्या
डोटासरा जी आचार संहिता के बाद घोषणा कर रहे हैं। इतना तो हम भी जानते हैं इसका क्या मतलब है। उन्होंने यहां युवाओं के लिए कुछ नहीं किया। डोटासरा जी ने विकास किया है अपना और अपने लोगों का। बच्चों को भविष्य खराब कर दिया। उन्हीं के कलाम कोचिंग है और आप देख लीजिए वहां के बच्चों के नंबर भी ज्यादा आए, अब इसकी वजह तो सब जानते ही हैं।