राज्य विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर आयोजित कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है।
जब तक सत्र नहीं बुलाएंगे धरना जारी रहेगा- गहलोत
सीएम गहलोत ने कहा, 'विधायक राजभवन में कब तक रहेंगे और धरना कब तक चलेगा। इस पर निर्भर करेगा कि राज्यपाल कब तक पत्र देते हैं और उसमें क्या लिखते हैं। उसके बाद ही कुछ फैसला करेंगे कि हमें क्या करना है।'
मुख्यमंत्री गहलोत को इतना अधीर नहीं होना चाहिए
भाजपा की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को विधानसभा का सत्र बुलाने को लेकर इतना अधीर नहीं होना चाहिए।
राजस्थान के सियासी हालात पर कपिल सिब्बल ने क्या कहाः-
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के एक बयान ने हलचल पैदा कर दी है। एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में पूनिया से जब पूछा गया कि क्या पायलट राजस्थान के सीएम बन सकते हैं? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि 'यदि हालात अनुमति देते हैं तो सचिन पायलट मुख्यमंत्री बन सकते हैं।' वास्तव में, उन्होंने इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है।
राजभवन परिसर में विधायक धरने पर बैठ गए हैं और नारेबाजी की जा रही है। विधायक वी वॉन्ट जस्टिस के नारे लगा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री राज्यपाल से अकेले मुलाकात कर रहे हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद विधानसभा सीपी जोशी के सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा फिर से खटखटाने का रास्ता खुल गया है। विधानसभा अध्यक्ष अपने क्षेत्राधिकार को चुनौती देने वाले फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय से व्यवस्था देने की अपील कर सकते हैं। उच्चतम न्यायालय इस मामले की सुनवाई सोमवार को करेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले साल 18 सितंबर को एक आदेश पारित किया था जिसमें घोषणा की गई थी कि छह विधायकों को कांग्रेस का अभिन्न अंग माना जाएगा। बसपा विधायक 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में एक समूह के तौर पर शामिल हुए थे ताकि दल बदल विरोधी कानून के तहत उनपर कोई कार्रवाई न हो।
भाजपा के एक विधायक ने राजस्थान उच्च न्यायालय में शुक्रवार को याचिका दायर कर बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस के साथ हुए विलय को रद्द करने का अनुरोध किया है। इस कदम से राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी को विधानसभा में बहुमत बरकरार रखने में मदद मिली है।
राजभवन में प्रवेश करने से पहले अशोक गहलोत का समर्थन करने वाले विधायकों ने विक्ट्री साइन दिखाया।
राजभवन परिसर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का समर्थन करने वाले विधायक बैठे हुए हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के एक बयान ने हलचल पैदा कर दी है। एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में पूनिया से जब पूछा गया कि क्या पायलट राजस्थान के सीएम बन सकते हैं? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि 'यदि हालात अनुमति देते हैं तो सचिन पायलट मुख्यमंत्री बन सकते हैं। वास्तव में, उन्होंने इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है।