राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, देश के अंदर ईडी द्वारा तमाशा किया जा रहा है। पहले राहुल गांधी को 5 दिन तक लगातार बुलाया और अब सोनिया जी को बुलाया है। आज तीसरा दिन है, तीसरी बार है और पता नहीं वो कब तक बुलाएं। देश के अंदर ईडी का आतंक है। सुप्रीम कोर्ट में मामले चल रहे हैं। उन पर जल्द से जल्द फैसला होना चाहिए।
यह (ईडी) सीआरपीसी का प्रोसेस भी अडॉप्ट नहीं कर रहे हैं। इनका तफ्तीश, अरेस्ट और बयान लेने का अलग ही तरीका है। इन्हें एक प्रकार से सीबीआई से ज्यादा पावर मिली हुई है। इनकम टैक्स जहां जाता है यह लोग वहां चले जाते हैं। ईडी का उपयोग सरकारें गिराने के लिए किया जाता है। यह महाराष्ट्र में देखा आपने, ईडी सरकारें गिराने का काम तो कर सकती है, पर मंत्रिमंडल बनाने का काम नहीं कर सकती है। 28 दिन से वहां मंत्रिमंडल नहीं बना है, खाली सीएम और डिप्टी सीएम बैठे हुए हैं। यह बताता है कि डेमोक्रेसी किस दिशा में जा रही है।
उन्होंने कहा, देश के अंदर महंगाई और बेरोजगारी के हालात है, आर्थिक स्थिति गर्त में जा रही है, उसे लेकर पूरा देश चिंतित है। इस पर पार्लियामेंट के अंदर बहस करना चाहें तो वह भी करने की इजाजत नहीं दी जाती है। कल 19 लोगों को सस्पेंड कर दिया, इससे पहले 4 को कर दिया। जहां तक मुझे जानकारी है कांग्रेस शासन में कभी भी किसी को सस्पेंड नहीं किया जाता था। 1980 से हम देखते थे कि 12-12 दिन तक पार्लियामेंट नहीं चली है, तब भी किसी को बाहर फेंकने की बात ही नहीं होती थी, आज इन्होंने मजाक बना रखा है।
गहलोत ने कहा, देश के अंदर यह जो तमाम स्थितियां बनी हैं, इससे पूरा देश घबराया हुआ है। इन्हें (भाजपा) को घमंड है कि देश इन बातों को भी सपोर्ट कर रहा है। इन्होंने अपने वादे तो भुला दिए, मेरे पास बहुत लंबी लिस्ट है जहां पर 2014 के चुनाव के अंदर जो कैंपेन चला था। लोकपाल, ब्लैक मनी लाना यह सब वादे किए गए थे। सरकार बनते ही एसआईटी बनी थी सुप्रीम कोर्ट की जज की अध्यक्षता में ब्लैक मनी लाने के लिए, वह सब गायब ही हो गया, यह बातें तो क्या करें?
मंगलवार को मीडिया ने दिनभर एजेंडा चलाया सोनिया गांधी का, उन्हें अरेस्ट किया गया और सोनिया गांधी के बयान लेने के विरोध में कांग्रेस द्वारा जो हल्ला हो रहा है, बस उसी पर डिबेट चलती रही। महंगाई और दूसरे मुद्दे भी हैं, उन पर डिबेट क्यों नहीं हो रही है? किसने कहा नहीं हो रही है? जयपुर में एक राष्ट्रीय स्तर का महंगाई विरोधी सम्मेलन हुआ था। उसे करीब सालभर हो गया, तब से ही महंगाई-बेरोजगारी हमारा मुख्य मुद्दा है, पर मीडिया कितना दिखाता है उसे? क्योंकि मीडिया दबाव में है। मीडिया के मालिक बहुत घबराए हुए हैं, कब ईडी पहुंच जाए, कब इनकम टैक्स पहुंच जाए, कब सीबीआई पहुंच जाए, यह स्थिति है देश के अंदर।
सीएम गहलोत ने कहा, इसलिए मैं निवेदन करना चाहूंगा कि हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट भी फैसले जल्दी करे, मैंने सुना है कि ईडी को लेकर सैकड़ों एसएलपी दायर की हुई हैं। फैसला सुनते हैं आ रहा है, तो यह स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। मैं कह सकता हूं कि अभी जो आतंक की स्थिति बना रखी है, वो देशहित में नहीं है, लोग घबराए हुए हैं और मैं फिर कहना चाहूंगा कि सुप्रीम कोर्ट को आगे आकर जल्दी फैसला करना चाहिए।