राजस्थान के निकाय चुनाव में मेयर और चेयरमैन पद के नामांकन की जांच के दौरान गुरुवार को कई जगह सियासी घमासान देखने को मिला। अजमेर, सिरोही और झुंझुनूं समेत पांच निकायों में कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन पर बीजेपी ने आपत्तियां दर्ज कराईं। बीजेपी की कोशिश कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन पर सवाल खड़े कर उन्हें मैदान से बाहर करने की रही, लेकिन कई मामलों में आपत्तियां खारिज हो गईं।
अजमेर में 19.18 लाख के बकाए पर घमासान
अजमेर नगर निगम में कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नामांकन पर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा का आरोप था कि गढ़वाल पैलेस पर नगर निगम की 19 लाख 18 हजार 628 रुपए की राशि वर्ष 2018 से बकाया है और इसके नोटिस भी जारी हो चुके हैं। बीजेपी ने दावा किया कि नामांकन में इस बकाए की जानकारी नहीं दी गई।
आपत्ति के बाद नगर निगम में दिनभर हंगामा चलता रहा और पुलिस बल तैनात करना पड़ा। कई घंटे चली सुनवाई के बाद निर्वाचन अधिकारी ने बीजेपी की आपत्ति खारिज कर दी और किरण गढ़वाल का नामांकन वैध माना।
सिरोही में धक्का-मुक्की, आपत्ति खारिज
सिरोही में कांग्रेस की चेयरमैन प्रत्याशी रितु जैन के नामांकन को लेकर बीजेपी ने विरोध किया। मौके पर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की तक की स्थिति बनी। हालांकि, अंत में बीजेपी की आपत्ति खारिज कर दी गई।
झुंझुनूं में अब्दुल्ला अगवान के नामांकन पर विवाद
झुंझुनूं में कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल्ला अगवान के नामांकन को खारिज कराने की मांग को लेकर बीजेपी की ओर से विरोध किया गया। प्रत्याशी के भाई को लेकर भी आरोप लगाए गए। हालांकि, यहां भी आपत्ति खारिज कर दी गई।
डेगाना में कांग्रेस की आपत्ति, फैसला बाकी
नागौर के डेगाना में तस्वीर कुछ अलग रही। यहां कांग्रेस ने बीजेपी प्रत्याशी राधाकिशन बिंदा के खिलाफ आपत्ति दर्ज कर उनका नामांकन खारिज करने की मांग की। इस मामले में तत्काल फैसला नहीं हो सका।
चाकसू में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज
चाकसू में कांग्रेस प्रत्याशी सुलोचना शर्मा का नामांकन प्रतिभूति राशि जमा नहीं कराने के आधार पर खारिज कर दिया गया। इसके बाद बीजेपी की पुष्पा शर्मा के चेयरमैन बनने का रास्ता साफ हो गया।
पाली में बगावत और नामांकन पर आपत्ति
पाली में कांग्रेस के सामने अलग चुनौती रही। कांग्रेस की बागी राजबाला हिंगड़ ने नाम वापस लेने से इनकार कर दिया। वहीं कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सुमित्रा जैन के नामांकन पर भी आपत्तियां दर्ज हुईं। कांग्रेस विधायक ने नामांकन रद्द नहीं करने की मांग को लेकर अधिकारियों के सामने विरोध जताया। आखिरकार सुमित्रा जैन का नामांकन बरकरार रहा।
इस तरह नामांकन जांच का दिन कई निकायों में सीधे राजनीतिक मुकाबले में बदल गया। कहीं आपत्ति के बहाने प्रत्याशी को घेरने की कोशिश हुई तो कहीं विरोध और हंगामे के बीच फैसला हुआ।