जमीन घोटाले का भूत कांग्रेस पार्टी का पीछा नहीं छोड़ रहा। प्रदेश में मतदान के कुछ दिन शेष हैं मगर यह भूत पार्टी को फिर से सताने लगा है। ताजा मामला सांगानेर के कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पेंद्र भारद्वाज से जुड़ा है जिन पर सीकर में रहने वाले सरकारी कर्मचारी श्रीराम शर्मा ने जमीन घोटाले और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
दरअसल यह पूरा मामला विद्याधर नगर की 100 वर्ग गज जमीन से जुड़ा है जिसे श्रीराम शर्मा ने 1995 में खरीदा था। आरोपों की मानें तो लगभग दो दशक के बाद उस जमीन पर पड़ोसी ने अवैध कब्जा कर लिया। जमीन के मालिक ने 2014 में इस मामले में शिकायत भी दर्ज कराई। मामला अभी सीजेएम कोर्ट जयपुर में विचाराधीन है।
सोमवार को सुनावाई के मौके पर शिकायतकर्ता के वकील सुनील वशिष्ठ ने बताया कि मामले में कांग्रेस नेता के रिश्तेदार पर जमीन कब्जे का आरोप है। पुष्पेंद्र सिंह की भी इसमें भूमिका है, जिसकी जांच चल रही है। पुष्पेंद्र सिंह ने इस मामले को अपनी पार्टी से भी छुपाए रखा, जो अपने आप में कानून का उल्लंघन है।
श्रीराम शर्मा ने कहा कि वह एक सरकारी कर्मचारी हैं राजनेताओं का मुकाबला नहीं कर सकते। पुष्पेंद्र सिंह अगर निर्वाचित हो गए तो वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
इस मामले में प्रचार में व्यस्त होने के कारण कांग्रेस उम्मीदवार पुष्पेंद्र सिंह का पक्ष नहीं आया है हालांकि उनके समर्थक इसे राजनीतिक षड्यंत्र बता रहे हैं।