भीलवाड़ा से 25 किलोमीटर की दूरी पर बसा है ज्योतिष नगर के रूप में जाना जाने वाला कारोई गांव। यहां के स्थानीय लोगों का पेशा ज्योतिष है। यहां के 20 ज्योतिषीय केंद्र देश विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। गांव में जगह-जगह ज्योतिषियों के प्रचार वाले पोस्टर्स देखने को मिल जाएंगे। प्रदेश में चुनावों की घोषणा के बाद से यहां पर नेताओं का जमावड़ा लगने लगा है, वोट मांगने के लिए नहीं बल्कि अपना भविष्य जानने के लिए।
किसकी बनेगी सरकार?
60 साल के गोपाल व्यास, कारोई के जाने-माने ज्योतिषियों में से एक हैं। इनके यहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह तक भविष्य का हाल जानने के लिए आ चुके हैं। वह कहते हैं कि हालांकि अभी प्रदेश के चुनावों की पूरी स्थिति का आकलन करना बाकी है लेकिन छोटे दलों और निर्दलियों के सहारे भाजपा बनी रह सकती है। व्यास ने 2009 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की मनमोहन सरकार बनने की भविष्वाणी की थी।
अन्य ज्योतिष ओम प्रकाश व्यास राजस्थान में बदलाव की बयार की बात कह रहे हैं। कारोई गांव में चुनाव के अलावा भी नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। नेता यहां आकर पार्टी में अहम पद, पार्टी टिकट और अपने राजनीतिक भविष्य का हाल जानते हैं।
2014 में यह गांव तब सुर्खियों में आया था जब भृगुसंहिता आधारित भविष्यवक्ता पंडित नाथू लाल के यहां स्मृति ईरानी पहुंची थी।
ज्योतिषियों का गढ़ माने जाने वाले इस गांव की हालत भी इलाके के दूसरे गांवों से अलग नहीं दिखती। गांव के लोग अब भी अपनी किस्मत बदलने का इंतजार कर रहे हैं। गांव में सड़क और सीवेज सिस्टम की हालत खराब नजर आती है। गांव के लोग परिणाम पर तो कुछ नहीं बोलते मगर बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं।
राजस्थान में 7 दिसंबर को रामगढ़ सीट को छोड़कर बाकी 199 सीटों पर मतदान होना है। चुनाव के परिणाम 11 दिसंबर को जारी होंगे।