जयपुर में 14 अगस्त को हुई भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में रखी 2400 साल पुरानी ममी को शोकेस के बाहर रखना पड़ा। भारी बारिश होने के कारण पहली बार अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में चार फीट तक पानी भर गया। म्यूजियम के बेसमेंट की गैलरी में रखी 2400 साल पुरानी ममी के चार फीट ऊंचे बॉक्स तक पानी पहुंच गया था।
अधिकारियों ने बताया कि ममी के बॉक्स से पानी मात्र 4-5 इंच दूर बचा था। ऐसे में अगर थोड़ी भी देरी होती तो ममी डूब जाती। इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो पाती। मगर समय रहते कांच तोड़कर ममी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह पहला मौका था, जब इसे बॉक्स के बाहर रखना पड़ा।
यह ममी 130 साल पहले मिस्त्र के काहिरा से लाई गई थी। यह ममी तूतू नामक महिला की संरक्षित मृत देह मिस्र के प्राचीन नगर पैनोपोलिस में अखमीन से मिली थी। ये महिला खेम नामक देव के उपासक पुरोहितों के परिवार की सदस्य थी।
साल 2017 के अप्रैल में ममी को विशेष प्रदर्शन के लिए बेंसमेंट में शिफ्ट किया गया था। यहां पर इसके साथ-साथ इसका इतिहास, जन्म-मृत्यु का संबंध, ममी बनाने का तरीके आदि को भी दिखाया जाता है।
बारिश के कारण म्यूजियम ऑफिस में पांच फीट तक पानी भरने से तमाम फाइलें भींग गई थीं। फाइल के साथ-साथ लैपटॉप, प्रिंटर, कंप्यूटर भी भींग गए। इससे लगभग दो से तीन करोड़ के नुकसान का अनुमान है। साथ ही म्यूजियम में सात दिनों के लिए टूरिस्ट्स के आने पर भी रोक लगा दी गई है।