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पिता से दूर वसुंधरा के करीब है दुष्यंत, आखिर क्यों?

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वसुंधरा और ललित मोदी के रिश्तों पर रोज हो रहे नए-नए खुलासों में बेशक भाजपा को जवाब देना मुश्किल हो रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इस पूरे मुद्दे पर मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने पूरे मामले पर लंबी चुप्पी साध ली है।
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हां, इस खींचतान में अपने बेटे का नाम आने पर जरूर वसुंधरा ने अपने सिपहसलारों को आगे कर उनके बचाव की पुख्ता व्यवस्था कर ली है। विपक्षी कांग्रेस बेशक राज्य और केन्द्र में वसुंधरा और उनकी सरकार पर खूब जमकर हमले कर रही है लेकिन वसंधुरा इसकी आंच अपने बेटे तक नहीं आने दे रही हैं।

यही कारण है कि इस सारी उठापटक से उनके सांसद बेटे दुष्यंत सिंह बिल्कुल निश्चिंत बने बैठे हैं। इस घटनाक्रम के साथ साथ ही कुछ कुछ इतिहास खुद को दोहरा रहा है। जब पूर्व की तरह ही वसंधुरा अपने बेटे दुष्यंत की ढाल बनकर खड़ी हैं।
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ग्वालियर के राजघराने से ताल्लुक रखने वाली वसुंधरा ने बेशक अपना जीवन काफी कठिनाइयों और एकांत में बिताया हो लेकिन उन्होंने अपने बेटे दुष्यंत को जीवन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करने दिया।

दुष्यंत के जन्म से पहले ही पति हेमंत से अलग हो गई थी वसुंधरा

बताया जाता है कि जिस समय दुष्यंत गर्भ में थे तभी वसुंधरा का अपने पति पूर्व महाराजा हेमंत सिंह से अलगाव हो गया था। बेटे को जन्म देने के बाद उसके लालन पालन और पूर्व पति हेमंत सिंह की संपति में दुष्यंत को हक दिलाने के लिए उन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

ये लड़ाई ऐसी थी जिसमें एक ओर हेमंत सिंह और उनका पूरा परिवार था जबकि दूसरी ओर वंसुधरा अपने बेटे के साथ अकेली। इस लड़ाई में उनका साथ दिया राजे की मां और पूर्व राजमाता विजयाराजे सिंधिंया ने। जिसके बाद बेटे दुष्यंत को राजस्‍थान, आगरा और शिमला की संपति मिली तो दिल्‍ली की संपति पर हेमंत सिंह का हक हो गया।

पति से अलगाव के बाद अकेले जी रही वंसुधरा ने बेटे की अच्छी परवरिश को ही जीवन का मकसद बना लिया था। यही कारण रहा कि उन्होंने दुष्यंत को बचपन में पढ़ने के लिए दून स्कूल भेज दिया।
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राजनीति के साथ बिजनेश में भी कामयाबी पाई दुष्यंत ने

वहां से पढ़ाई पूरी करने के बाद दुष्यंत ने दिल्‍ली के सेंट स्टीफेंस कालेज से ग्रेजुएशन पूरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वे यूएसए चले गए। वसंधुरा की छत्रछाया में पले बढ़े दुष्यंत ने मां की तरह जल्द ही राजनीति की राह पकड़ ली और साल 2004 में झालावाड़ से सांसद बने।

गत लोकसभा चुनावों में वो लगातार तीसरी बार इस सीट से सांसद चुने गए। राजनीति के साथ-साथ दुष्यंत ने बिजनेश में भी अच्छा खासा मुकाम हासिल किया। यूएसए से होटल मैनजेंट में डिग्री लेने वाले दुष्यंत राजस्‍थान के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में अपने कई होटल चलाते हैं।

जिनमें से धौलपुर स्थित जिस धौलपुर पैलेस जिसे लेकर विवाद चल रहा है जैसा 7 स्टार होटल भी शामिल है। साल 2000 में उनकी शादी समथर के राजा रणजीत सिंह की पुत्री राजकुमारी निहारिका से हुई।
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